हसनपुर ढबारसी क्षेत्र के गांव भीमा सुल्तानपुर में तेंदुए की दहशत में छत से गिरकर किसान की मौत के बाद गमजदा परिजन।
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आबादी वाले क्षेत्रों में तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई है। इससे ग्रामीण खौफजदा हैं, उनकी रातों की नींद छिन गई है। लेकिन वन महकमे के अफसर बेफिक्र हैं। अब मंगलवार आधी रात को भीमा सुल्तानपुर में तेंदुआ आ धमका। इसको लेकर गांव में जाग हो गई और शोरगुल हुआ तो दहशत में छत पर सो रहा ग्रामीण छत से गिर गया। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, यहां उसकी मौत हो गई। इधर, सुबह फिर तेंदुआ खेतों में दिखाई दिया, मगर शाम तक वन विभाग का कोई अफसर गांव में नहीं पहुंचा था। इससे लोगों में नाराजगी है।
आदमपुर थाना क्षेत्र के भीमा सुल्तानपुर गांव में रहने वाला गंगासरन (45) पुत्र शेर सिंह मंगलवार रात छत पर सो रहा था। आधी रात के बाद गांव में तेंदुआ आ गया। इसने गांव के एक कुत्ते को दबोच लिया। कुत्ते का शोर सुनकर गांव के मनोहर, हरिराम, किशन पाल, खड़ग सिंह आदि जाग गए।
इनके शोर मचाने पर तेंदुआ कुत्ते को छोड़कर खेतों में ओझल हो गया। इधर, शोर शराबा सुनकर छत पर सो रहे गंगासरन की भी आंख खुल गईं। तेंदुए की दहशत में वह छत से नीचे गिर गए। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को परिजन उपचार के लिए लेकर दौड़े और निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शव को घर लाया गया।
इधर बुधवार सुबह पूरा गांव गंगासरन के घर इकट्ठा था। इसी दौरान गांव के निकट खेतों में फिर तेंदुआ टहलता दिखाई दिया। लाठी डंडों से लैस ग्रामीणों ने तेंदुआ का पीछा किया तो वह मक्का के खेत में छिप गया। सूचना पाकर थाना पुलिस गांव में पहुंची। तेंदुए के बारे में गांव के लोगों से पूछताछ की, लेकिन वन विभाग से शाम तक कोई नहीं गया। जिससे ग्रामीणों में रोष था।