निरयावली में मकान की दीवार गिरी।
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करीब आठ दिनों से हो रही राहत की बारिश अब आफत बनने लगी है। बारिश में मकानों की छत और दीवारों का गिरना जारी है। आदमपुर थानाक्षेत्र में गुरुवार की रात मकान की गिरने की तीन घटनाएं हुई। इसमें एक घटना में ग्रामीण मलबे में दबकर घायल हो गया। जबकि दूसरी घटना में एक गाय दबकर मर गई। पांच दिनों में दो स्कूलों की छत और चार घरों की दीवारें गिर चुकी हैं।
शुरुआती चरण में जिले से मानसून रूठ सा गया था। शहर से लेकर गांव तक लोग गर्मी से बिलबिला उठे। वहीं किसानों के चेहरे में चिंता की लकीरें खिंच गई। जिला सूखे के कगार पर पहुंच गया। किसान से लेकर आम आदमी तक बारिश के लिए आसमान की ओर दिखने लगा। पिछले शनिवार को हर किसी मुराद पूरी हो गई। झमाझम बारिश हुई। बारिश का ये सिलसिला अभी तक जारी है। लेनिक ये राहत की बारिश आफत बन गई है। जर्जर या पुराने मकानों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है। पिछले पांच दिनों में भवन की छत और दीवार गिरने की छह घटनाएं हो चुकी है। छह में तीन घटनाएं तो सिर्फ शुक्रवार की रात हुई। ये तीनों घटनाएं आदमपुर थानाक्षेत्र की है। इन घटनाओं को लेकर ग्रामीण भयभीत है। उन्हें मकान गिरने का डर सताने लगा है।
गजरौला में शुक्रवार की सुबह लोगों नींद से जागे तो बारिश पड़ रही थी। दोपहर होने तक काफी तेज बारिश हुई। देर शाम तक बादलों के बरसने का सिलसिला जारी थी। दोपहर में हल्की बूंदाबंदी होती रही। दिनभर बादलों के बरसने से तर बतर करके रख दिया। स्कूल जाने वाले बच्चे भी बारिश में भीगकर स्कूल गए। ड्यूटी जाने वाले लोग लेट हुए।