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फैक्टरियों की गलती, खामियाजा भुगत रहे कर्मी

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गजरौला। जानकारी के अभाव और औद्योगिक इकाइयों की गलती का खामियाजा फैक्टरियों में काम करने वाले कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र में 20 हजार कर्मचारी काम करने के बावजूद 17 हजार 491 के ही ईएएसआई कार्ड बने हैं। उनमें भी बीमित कार्ड धारकों और उनके परिवार के आधे अधूरे विवरण दर्ज हैं। उनके बीमार हो जाने पर दवाई लेते समय और अनुबंधित चिकित्सालयों में भर्ती कराते समय खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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गजरौला क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में 20 हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। जिनमें 17491 कर्मचारियों का कर्मचारी राज्य बीमा निगम(ईएसआईसी) द्वारा कर्मचारी राज्य बीमा (ईएएसआई) कार्ड बना है। ढाई हजार से अधिक कर्मचारी ईएएसआई कार्ड से वंचित हैं। जिन 17491 कर्मचारियों के कार्ड बने हैं, वह भी पूर्ण नहीं हैं। किसी में बीमित कर्मचारी का नाम अधूरा है तो किसी में उसके परिवार के सभी सदस्य शामिल नहीं किए गए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों व उनके परिवार के सदस्यों के बैंक बचत खाता और आधार कार्ड में भी अंतर होने के कारण उनको खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तबीयत खराब होने पर गजरौला स्थित औषधालय में दवाई तो दे दी जाती है, लेकिन मुरादाबाद में जो अनुबंधित चार अस्पताल हैं, उनमें भर्ती करते समय कर्मचारियों को बड़ी दिक्कत सामने आती है। गजरौला स्थित कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय प्रभारी मयंक कौशिक ने पुष्टि करते हुए कहा कि कम से कम पांच सौ कर्मचारी ऐसे आए हैं, जिनके ईएसआईसी कार्ड में उनके आधे अधूरे विवरण दर्ज थे। इसके लिए उनके औद्योगिक इकाइयों के एचआर जिम्मेदार हैं। एचआर को कर्मचारी का नाम, बैंक खाता, शैक्षणिक योग्यता के कागजात, आधारकार्ड और उद्घोषणा फार्म में भरे गए नाम आदि से मिलान करने के बाद ही कार्ड बनाकर देना चाहिए। इसमें गलती की संभावना कम रहती है।
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