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अफसरों की उदासीनता अमरोहा जिले के लोगों पर भारी पड़ रही है। यहां बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव से लेकर शहर तक लोग आए दिन बुखार से अपनी जान गंवा रहे हैं। हर तरफ दहशत है नतीजतन इसके सदमे में भी लोग जान गंवा रहे हैं। ऐसा एक और मामला सामने आया है गांव चकफेरी बुखार से पूर्व प्रधान की मौत हो गई। इसके सदमे में उसकी चाची ने भी दम तोड़ दिया। वहीं गांव राजानांगल में वृद्ध ने बुखार से दम तोड़ दिया। इससे दोनों गांवो में कोहराम मचा है।
गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के गांव चकफेरी में पूर्व प्रधान भूकन(45)पुत्र प्रताप उत्तराखंड में ट्रैक्टर चलाता था। कई रोज पहले उसे बुखार आया था। उपचार कराने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ तो दो दिन पहले भूकन अपने गांव चकफेरी आ गया। यहां के प्राइवेट डाक्टर से उपचार कराने लगा। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार सुबह को भूकन ने दम तोड़ दिया।
मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक भूकन के घर के ही सामने उसकी चाची चंद्रवती (60) पत्नी लेखराज का मकान है। हादसे की खबर पर वह देखने गईं थी। एक घंटे बाद घर लौटीं तो घर पर गश खाकर गिर पड़ीं। लोगों ने काफी कोशिश कीं, मगर वृद्धा बोल नहीं सकी। आनन-फानन में परिजन उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गया, यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक, सदम से उसकी मौत हुई है।
बुखार से बुजुर्ग समेत दो की मौत
जोया/हसनपुर। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव औरंगाबाद निवासी हाफिज (36) पुत्र मुनव्वर को तीन दिन पहले बुखार आया था, जिस पर परिजनों ने उसको अस्पताल में भर्ती कराया था। दो दिन इलाज के बाद भी तबियत में कोई सुधार नहीं हो पा रहा था।
शनिवार की शाम हालत बिगड़ने पर परिजन उसको लेकर कॉसमॉस जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रोकर हाल बेहाल है।उधर, हसनपुर क्षेत्र के गांव राजानांगल में कमल सिंह(60) पुत्र हरसहाय को कई दिनों से बुखार आ रहा था। हड्डियों में तेज दर्द की शिकायत बनी हुई थी। शनिवार को बुखार ने मौत की नींद सुला दिया।