हसनपुर। तहसील क्षेत्र में गंगा का कटान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले सात दिनों में हजारों बीघा कृषि क्षेत्र में खड़ी गन्ने की फसल तेजधार में बह गई है। सतेड़ा, गंगाचोली, पिपलौती कला, पिपलौती खुर्द और सिरसा गुर्जर की मढ़ैया में कटान सबसे तेज है। इन पांच गांवों की करीब 5,000 बीघा उपजाऊ भूमि और फसलों में गंगा का पानी भरा है, जिससे लगातार नुकसान हो रहा है।
तटबंध के भीतर बसे 20 से अधिक गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द कटान नहीं थमा तो फसलों को और नुकसान हो सकता है। धोरिया, दयावली, महमूदाबाद, बिरामपुर और पौरारा आदि गांवों के किसानों को पशुओं के लिए चारा जुटाने में भी परेशानी हो रही है।
एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंगा अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है। संवाद