सरकारी राशन हड़पने के मामले में शिक्षक दंपती समेत सात लोग धोखाधड़ी के आरोप में फंस गए है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इससे पहले दंपती के वेतन से तेरह हजार पांच सौ रुपये की वसूली कराई जा चुकी है। जबकि दोनों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की थी।
नगर के मोहल्ला कोट निवासी अधिवक्ता मनु शर्मा ने मोहल्ले के रहने वाले शिक्षक अर्पित खंडेलवाल, उनकी शिक्षक पत्नी वर्षा, मां गीता खंडेलवाल पर साजिश करके सरकार से अनुचित लाभ लेने के लिए राशन कार्डों में फर्जीवाड़ा करके अपने नाम शामिल कराने का आरोप लगाया था। इस संबंध में संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम ने मामले ही जांच जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान से कराई थी। जिस पर डीएसओ की जांच आख्या में खुलासा हुआ था कि शिक्षक दंपती और मां ने बायोमेट्रिक मशीन में अपने अंगूठे लगाकर राशन प्राप्त किया है। जबकि वह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सरकारी अध्यापक अपात्र की श्रेणी में आते हैं। रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने शिक्षक दंपती के अक्तूबर माह के वेतन से तेरह हजार पांच सौ रुपये की वसूली की थी। साथ ही अध्यापक आचरण नियमावली का उल्लंघन मानते हुए दोनों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की थी। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्यानंद द्विवेदी के आदेश पर अर्पित खंडेलवाल, वर्ष गुप्ता, गीता खंडेलवाल और तीन-चार अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।