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निगेटिव बताकर इंजीनियर, आशा, टेलर, डेंटर को भेजा घर, रिपोर्ट आई पॉजिटिव

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अमरोहा में संक्रमित मरीज मिलने के बाद मोहल्ला बगला में लगाई गए पाइप। - फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। बाहर दिनों के भीतर लापरवाही की दूसरी घटना सामने आई है। इस बार एक नहीं चार संक्रमित मरीजों का परिवार लापरवाही का शिकार हुआ। सोमवार को निगेटिव बताकर कुवैत से लौटे डेंटर, फरीदाबाद से आए प्राइवेट इंजीनियर, जिले की आशा और मुंबई से आए टेलर को घर भेज दिया गया। देर रात भूल सुधार कर लखनऊ से भेजी गई रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद सेहत महकमे में हड़कंप मच गया। मंगलवार की सुबह सभी संक्रमितों को विम्स हास्पिटल में भर्ती कराया गया। वहीं इनके परिवार के 28 सदस्यों को क्वारंटीन किया गया। इससे पहले पुणे से लौटे नाई के साथ ऐसी लापरवाही हो चुकी है।
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सोमवार को लखनऊ से 142 सैंपलों की रिपोर्ट आई थी। इसमें कोई संक्रमित मरीज नहीं मिला। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद कुछ मरीजों के साथ कुवैत से लौटे डेंटर, फरीदाबाद से आए सिरींज कंपनी के प्रोडक्शन इंजीनियर, मुंबई से लौटे टेलर और जिले की एक आशा को क्वारंटीन सेंटर से घर भेज दिया गया। देर रात लखनऊ से भूल सुधारकर इन चार लोगों की रिपोर्ट दोबारा जिले को भेजी गई, जिसमें सभी पॉजिटिव पाए गए। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मंगलवार सुबह इन चारों को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर से ले आई। क्लोज कांटेक्टर खंगालने के बाद सभी को श्री वैंक्टेश्वरा के विम्स हास्पिटल में भर्ती कर दिया गया। वहीं, इनके परिवार के 28 लोगों को घर से लाकर क्वारंटीन सेंटर में रख दिया गया। ये बारह दिनों में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का दूसरा मामला है। ये लापरवाही स्थानीय स्तर पर की गई थी। जबकि इस बार लापरवाही का ठीकरा स्टेट के माथे फूटा है।
कौन कितने घंटे रहा अपने घर
मुंबई से लौटा टेलर को सोमवार की शाम सवा सात बजे घर भेजा गया है। उसे मंगलवार की सुबह सवा दस बजे घर से लाया गया। वह पंद्रह घंटे घर पर रहा।
फरीदाबाद से लौटे प्राइवेट इंजीनियर सोमवार की रात नौ बजे घर भेजा गया। मंगलवार सुबह नौ बजे घर से लाया गया। वह नौ घंटे घर पर रहा।
कुवैत से लौटे डेंटर को सोमवार की शाम सात बजे घर भेजा गया। मंगलवार की सुबह आठ बजे घर से लाया गया। वह घर पर तेरह घंटे रहा।
हेल्थ वर्कर होने के चलते आशा सैंपल के बाद से घर पर ही थी।
विभाग का खामियाजा भुगत रहा बारबर का भाई
अमरोहा। लापरवाही का ये मामला कोई पहला नहीं है। इससे पहले 29 मई को रिपोर्ट निगेटिव बताकर पुणे से लौटे बारबर को घर भेज दिया गया था। जबकि उसकी रिपोर्ट आई ही नहीं थी। दूसरे दिन 30 मई को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। वह 19 घंटे अपने परिवार के साथ रहा। बाद में परिवार के सदस्यों का सैंपल कराया गया। इसमें बारबर के भाई की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली।
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