गजरौला। रेलवे लाइन पर बने ओवरब्रिज के नीचे और दोनों तरफ करीब चार करोड़ रुपये से सड़क बनाए जाने के लिए दोबारा कवायद शुरू की गई है। वन विभाग व नगर पालिका की टीम ने संयुक्त रूप से पैमाइश शुरू की। प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को भेजा जाएगा।
रेलवे लाइन पर बने ओवरब्रिज के दक्षिण में बसंत विहार व उत्तर दिशा में सैफी नगर मोहल्ला है। दोनों मोहल्लों में 20 हजार से अधिक आबादी रहती है, लेकिन दोनों मोहल्लों की आबादी के लिए सड़क नहीं है। ओवरब्रिज के नीचे और दोनों तरफ बूंदाबांदी में भी कीचड़ हो जाती है। जिससे लोगों को आवागमन में मुश्किल सामने आती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने हाल ही में जिले में आए प्रभारी मंत्री केपी मलिक से मुलाकात कर 20 हजार की आबादी का सबसे अहम मुद्दा उठाया था।
उनसे सड़क निर्माण के लिए एनओसी दिलवाने की मांग की। प्रभारी मंत्री के निर्देश पर शनिवार को हसनपुर रेंजर नरेश कुमार, डिप्टी रेंजर सुमित राठी व ईओ ललित कुमार आर्य, पालिका के निर्माण लिपिक ललित कुमार ने नापतौल शुरू की। ईओ व रेंजर ने बताया कि प्रस्ताव बनाया जा रहा है। जिसे मंजूरी मिलने पर 640 मीटर लंबी और 40 फीट चौड़ाई में इंटर लॉक सड़क बनाई जाएगी। जिस पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसलिए चाहिए थी वन विभाग की एनओसी
गजरौला। बदायूं-बिल्सी-बिजनौर मार्ग पर दशकों पूर्व रेलवे ओवरब्रिज के लिए वन विभाग की 0.64 हेक्टेयर भूमि गई। जिस पर खड़े हरे भरे 64 पेड़ काटे गए थे। ओवरब्रिज बनाने के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड गाजियाबाद ने प्रदेश के वन विभाग और राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से अनुमति ली। इस दौरान कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक ने मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक से वादा किया था कि वन विभाग को टॉप मॉडल स्कार्पियो दी जाएगी। जिससे वन्य जीवों के संरक्षण व प्रबंधन का काम किया जा सके। ओवरब्रिज के नीचे और दोनों तरफ सर्विस रोड की सड़क बनाने का वादा किया था। हालांकि अब सेंचुरी से बाहर हो गया है, लेकिन इको सिस्टम जोन में शामिल है। जिसमें निर्माण के लिए राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से अनुमति लेनी अनिवार्य है।
बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास होने पर भी नहीं बनी सड़क
गजरौला। ओवरब्रिज का 2012 में शुरू हुआ निर्माण कार्य 2016 में पूरा हो गया। अगले साल 2017 में हुए निकाय चुनाव में पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल की पत्नी अंशु नागपाल नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उनकी अध्यक्षता में हुई नगर पालिका की दूसरी बैठक में ओवरब्रिज के दोनों तरफ सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ। इसके बाद दो बार बैठक में सड़क बनवाए जाने का मुद्दा उठाया गया, लेकिन अमली जामा नहीं पहनाया गया।