अमरोहा के मोहल्ला जाफरी में जलसा को खिताब करते मौलाना। स्रोत आयोजक
अमरोहा। शिया धर्मगुरु मौलाना अकील अल गारावी ने समाज को शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा रास्ता है, जिसके जरिए ही अपनी एक अलग पहचान कायम की जा सकती है। वह रविवार को मोहल्ला जाफरी स्थित इमामबाड़े में सैय्यद मनाजिर हसन नकवी की बरसी पर मजलिस को खिताब कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा हासिल करते हुए हमें अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए। शिक्षित इंसान का समाज के काम आना भी बड़ा सवाब का काम है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को हिंदी, उर्दू व अंग्रेजी के साथ अन्य भाषाओं की भी शिक्षा दिलाने पर जोर दिया। मौजूदा वक्त के हिसाब से शिक्षा हासिल करना और फिर अपने समाज और देश के काम आना बहुत अच्छा काम है। मौलाना ने कर्बला की दास्तां पेश की। जिसे सुनकर माहौल गमगीन हो गया। इससे पूर्व सैय्यद सिब्ते सज्जाद नकवी और उनके साथियों ने मर्सिया पेश किया। मजलिस में मौलाना डाॅ. शहवार हुसैन, मौलाना कौसर मुज्तबा, अख्तर अब्बास अप्पू, डाॅ. जफर, खुर्शीद जैदी मौजूद रहे।