बोल बम और हर-हर महादेव के धनौरा-गजरौला मार्ग शिवमय हो गया। रविवार को दिनभर भोले शंकर के जयकारे लगाते कांवड़ियों अपने मंजिल की ओर बढ़ते रहे। जत्थे में शामिल दो भाई प्रशांत (10) व गोविंद (12) भी पिता के स्वास्थ्य होने की कामना लेकर गंगाजल लेकर लौट रहे है।
महाशिवरात्रि 26 फरवरी को है। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों के बेड़े हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर लौटने का सिलसिला जारी है। रविवार सुबह 10 बजे तक कांवड़ियों के सैकड़ों बेड़े धनौरा मार्ग से कुमराला चौकी के पीछे होकर अपनी मंजिल की ओर रवाना होते रहे। दूर-दूर तक कांवड़ियों की लाइन दिखाई दे रही थी। रंग बिरंगी कांवड़ संग मंजिल तय कर रहे कांवड़िये हर हर बम बम का उद्घोष करते चल रहे थे।
वहीं जत्थे में शामिल कई कांवड़िये कंधे पर कांवड़ और हाथ में तिरंगा लेकर चल रहे थे। भगवान शिव की भक्ति में किशोर कांवड़िये भी पीछे नहीं हैं। हरिद्वार से पैदल ही कांवड़ लेकर आ रहे दो सगे भाइयों प्रशांत पाठक व गाेविंद को देख हर कोई हैरत में रह गया। मूलरूप से अलीगढ़ के जौनई निवासी दोनों भाइयों ने बताया कि वह पिता के स्वास्थ्य की कामना के लिए अपने चाचा के साथ जल लेकर आ रहे हैं। काफी समय से उनके पिता का स्वास्थ्य सही नहीं है। उधर, संदीप व राजू कांवड़ के रूप में हरिद्वार से 21 किलो का पीतल का घंटा लेकर आ रहे थे। रात तक कांवड़ियों के जत्थे गंतव्य को रवाना होते रहे।