अमरोहा। बीमा और ऑटोमोबाइल्स कंपनी ने ग्राहक से कार के पंजीकरण और बीमा कराने के नाम पर 8342 रुपये अतिरिक्त वसूूल लिए जबकि कार के क्षतिग्रस्त होने पर ठीक करने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। अब उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनियों को 8342 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज समेत लौटने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीमा कंपनी पर मानसिक आर्थिक पीड़ा और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अमरोहा के मोहल्ला दानिशमंदान में नईम अहमद का परिवार रहता है। नईम आशियाना ट्रेडिंग कंपनी चलते हैं। उन्होंने कार लेने के लिए ऑटोमोबाइल्स कंपनी से संपर्क किया था और पांच हजार देकर कार बुकिंग करते हुए फाइनेंस कोटेशन बनवाई। ऑटोमोबाइल्स कंपनी ने 14.50 लाख रुपये कोटेशन पर अंकित किए थे। इसके बाद बैंक ने 10 लाख रुपये ऑटोमोबाइल्स कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दी। लिहाजा नईम ने 21 जुलाई 2023 को संपर्क किया तो ऑटोमोबाइल्स कंपनी ने ढाई लाख रुपये नकद जमा कराए।
इसके बाद 24 जुलाई 2023 को शेष भुगतान कर कार ले जाने के लिए कहा। आरोप है कि जब वह कार लेने पहुंचे तो ऑटोमोबाइल कंपनी के अधिकारियों ने 10 हजार रुपये ज्यादा लिए और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जबकि ऑटोमोबाइल्स कंपनी और बीमा कंपनी ने उन्हें आरसी व पॉलिसी उपलब्ध कराई। इस दौरान पंजीकरण के लिए 12444 के स्थान पर ऑटोमोबाइल्स कंपनी ने 11945 का भुगतान किया जबकि बीमा कंपनी ने 42483 रुपये के स्थान पर 38640 रुपये का भुगतान किया।
आरोप, सही से नहीं की थी कार की मरम्मत
आरोप है कि कोटेशन के विपरीत 10 हजार रुपये, आरसी के 4499 और बीमा के 3843 अधिक लिए गए। इसके बाद 10 सितंबर 2023 को कार अचानक सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान नईम ने ऑटोमोबाइल्स और बीमा कंपनी से कार की मरम्मत कराई लेकिन उन्होंने कार का संपूर्ण सर्वे न करके केवल औपचारिक रूप से मरम्मत कर दी। बीमा कंपनी ने ऑटोमोबाइल्स कंपनी को 12950 का भुगतान किया। नईम के शिकायत करने के बावजूद भी कार को पूरी तरह ठीक नहीं कराया गया। लिहाजा नईम ने ऑटोमोबाइल्स और बीमा कंपनी के अधिकारियों को नोटिस जारी करके कार की पूरी तरह मरम्मत करने के लिए कहा, लेकिन उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
एक माह में देनी होगी रकम
इसके बाद नईम ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने ऑटोमोबाइल्स व बीमा कंपनी क्या अधिकारियों को तलब कर लिया। मामले की सुनवाई कर न्यायालय ने ऑटोमोबाइल व बीमा कंपनी को पंजीकरण के 4499 और बीमा करने के 3843 रुपये नौ ब्याज समेत देने के निर्देश दिए है। साथ ही मानसिक आर्थिक पीड़ा और वाद व्यय खर्च के रूप में पांच-पांच हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं। कंपनियों को पूरी धनराशि एक महीने के भीतर अदा करनी होगी।