गजरौला (अमरोहा)। पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाकर बेचने वाले साइबर कैफे संचालक को कोर्ट से जमानत नहीं मिली। इसके बाद न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया।
बुधवार की शाम आरपीएफ इंस्पेक्टर सुभाष विश्नोई बताया कि रमाबाई आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के सामने नगर पालिका परिषद की मार्केट में संचालित देवांशी साइबर कैफे के संचालक हेमेंद्र पुत्र धनपाल सिंह निवासी मोहल्ला शुक्लपुरी को बुधवार की सुबह मुरादाबाद में कोर्ट में पेश किया गया था। इंस्पेक्टर सुभाष विश्नोई के मुताबिक कोर्ट में उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई। इसके बाद कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया। बताते हैं कि मंगलवार की शाम आरपीएफ ने अपनी पर्सनल यूजर आईडी पर ई-टिकट बनाते हुए हेमेंद्र को रंगेहाथों पकड़ा था। मौके से 17 फर्जी ई-टिकट भी बरामद हुए। आरपीएफ ने उसका मोबाइल, सीपीयू, मॉनीटर आदि भी सील कर दिया था। आरपीएफ इंस्पेक्टर के मुताबिक हेमेंद्र आईआरसीटीसी का अधिकृत एजेंट है लेकिन वह अपनी एजेंट वाली आईडी से टिकट नहीं बनाकर पर्सनल यूजर आईडी से टिकट बनाकर बेचने का धंधा करता चला आ रहा था।