रूट निर्धारित होने के बाद भी ई-रिक्शा चालक मनमर्जी से दौड़ा रहे हैं। जिस कारण शहर में जाम लग जाता है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को भी शहर में यही स्थिति रही।
मोहल्ला लकड़ा, बड़ा बाजार, अतरासी चौराहा और कोट बाजार के हालात ज्यादा खराब रहे। ई-रिक्शा चालकों के मनमानी के कारण जाम की स्थिति बनी रही। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, इसके बावजूद समस्याओं को देखकर भी जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
शहर में बनी जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ऑटो व ई-रिक्शा संचालन के लिए शहर में 13 रूट निर्धारित कर किए गए थे। दावा किया था कि सुबह आठ से रात आठ बजे तक इसी रूट पर ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन होगा। इसके लिए यातायात पुलिस ने ऑटो, ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन कर रूट निर्धारित किया था। अनदेखी और रूट बदलने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई थी।
तत्कालीन एसपी कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर यातायात पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा पर रूट नंबर अंकित कर किया था। करीब 1500 ई-रिक्शा को यूनिक कोड दिया गया। लेकिन, जिम्मेदार रूट निर्धारित कर भूल गए तो वहीं चालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। यहीं वजह है कि शहर में दिनभर जाम के हालात बने रहे हैं। बृहस्पतिवार को ई-रिक्शों के बेतरतीब संचालन के कारण मोहल्ला लकड़ा, बड़ा बाजार, तहसील के सामने, बाजार कोट में जाल लगा रहा। बाइक या कार निकलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
पंजीकरण 600 का, दौड़ रहे तीन हजार से अधिक
शहर से देहात तक नियमों की अनदेखी कर ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। करीब 600 ई रिक्शा पंजीकृत हैं, जबकि इसके विपरीत करीब तीन हजार ई-रिक्शों का संचालन शहर में हो रहा है। बाकी ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के दौड़ रहे हैं। वहीं मार्ग तय होने के बावजूद ई-रिक्शों का संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा। ई-रिक्शा अपनी मर्जी से दौड़ रहे हैं। इस कारण शहर के बाजारों में सुबह से शाम तक लोग जाम से जूझ रहे हैं।
- ई-रिक्शा के संचालन के लिए पहले से रूट निर्धारित है। शहर की संकरी गलियां हैं। थोड़ी सी भीड़ बढ़ जाने पर जाम लग जाता है। अगर ई-रिक्शा अपने निर्धरित रूट पर नहीं चल रहे हैं तो अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-अरुण कुमार, सीओ सिटी