नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों का नवीनीकरण करने की बजाय इस बार नए तरीके से आवंटन किए जाने के निर्देश शासन ने किए थे। इसके लिए 14 फरवरी से आवेदन शुरू हुए थे, जो 27 फरवरी तक चले थे। जिले में 193 शराब की दुकान का आवंटन होता था, इनके लिए 5393 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। जबकि, चार आवेदन कमियों के चलते निरस्त कर दिए गए। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट परिसर में दुकानों की ई-लॉटरी के जरिए आवंटन की प्रक्रिया हुई। गांधी सभागार में जिले के नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद की मौजूदगी में हुई आवंटन प्रक्रिया शाम चार बजे शुरू हुई।
गांधी सभागार के अतिरिक्त बाहर परिसर में भी आवेदकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी, जहां तीन बड़ी स्क्रीन पर पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया। इस दौरान सभी 193 दुकानाें का आवंटन कर दिया गया। देसी शराब की 121, कंपोजिट की 66, मॉडल शॉप की दो व भांग की चार दुकानों की आवंटन प्रक्रिया हुई।
आवेदकों को ही मिला प्रवेश
व्यवस्था बनाने के लिए डीएम ने डिप्टी कलक्टरों को जिम्मेदारी दी थी। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान वाहनों को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। केवल आवेदकों को ही अंदर प्रवेश मिला। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान डीएम/ लाइसेंस प्राधिकारी निधि गुप्ता वत्स, एसपी अमित कुमार आनंद, सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा, एडीएम बृजेश कुमार त्रिपाठी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।