जिला अस्पताल की बिजली गुल होने के मामले में एक्सईएन द्वारा शुरू हुई की गई जांच लगभग पूरी हो गई है। जांच में सामने आया कि पहले दिन बिजली टू फेस हो गई थी। जबकि दूसरे दिन ब्रेकडाउन के चलते बिजली गुल रही। मामले में जो भी कर्मचारी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अमरोहा नगर के मोहल्ला मुल्लाना निवासी मोहम्मद आमिर पिछले चार साल से किडनी रोग से पीड़ित थे। 18 अक्तूबर को जिला अस्पताल की बिजली गुल होने के कारण उनकी डायलिसिस नहीं हो सकी। जिस कारण उनकी मौत हो गई। किडनी मरीज की मौत के मामले में लखनऊ तक खलबली मची हुई है। इसके बाद जिला अस्पताल की बिजली कैसे गुल हुई, अधिशासी अभियंता प्रेम पाल सिंह ने इसकी खुद ही जांच शुरू कर दी। जांच लगभग पूरी हो गई।
एक्सईएन ने बताया कि 18 अक्तूबर की शाम पांच बजे बिजली टू फेस हो गई थी। एक फेस में करंट न होने के कारण अस्पताल में बिजली बाधित हो गई लेकिन इस संबंध में अस्पताल स्टाफ द्वारा कोई जानकारी नहीं दी। जबकि 19 अक्तूबर को 33 केवी लाइन में ब्रेक डाउन के चलते विद्युत सप्लाई प्रभावित रही। हालांकि बीच-बीच में टू फेस सप्लाई चल रही थी। उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है। इसमें जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी।