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गंगा में पानी बढ़ने से खेत हुए लबालब, फसलें डूबीं

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गजरौला के ओसीता जगदेवपुर के खेतों में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : JPNAGAR
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गजरौला। गंगा में सुबह को 64 हजार व शाम को 58 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण इलाके में बाढ़ के हालात बन गए हैं। खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। खादर के ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। पशुओं को हरे चारे की किल्लत पैदा हो गई है। बाढ़ से फसलों को खासा नुकसान हो रहा है। महीनों से जिन खेतों में पानी भरा है, उनमें फसलें सूखने लगी हैं।
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रविवार की सुबह बिजनौर बैराज से गंगा में 64 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम को 58 हजार पानी छोड़ने के कारण गंगा का जल स्तर बढ़कर 200.25 मीटर हो गया। जिससे रामगंगा पोषक नहर व गंगा के टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, टीकों वाली गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। इसके अलावा ओसीता जगदेवपुर गांव का खेतों को जाने वाला मार्ग भी जलमग्न हो गया है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों को सबसे अधिक दिक्कत चारा आदि लाने में हो रही है। उधर पानी भरा होने के कारण फसलों को खासा नुकसान हो रहा है। नीचे के इलाके के खेतों में बाढ़ का पानी महीनों से भरा है। जिसके चलते गन्ना आदि फसलें सूखने लगी हैं, जबकि खादर के इलाकों व टापू के गांवों में चारा, सब्जी की फसलें पहले ही नष्ट हो चुकी हैं। अब बाढ़ से और दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
बिजनौर के बैराज से गंगा में सुबह 64 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जबकि शाम को 58 हजार पानी छोड़ा गया। खादर के इलाकों व टापू में बसे गांवों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं-अनवार बहादुर खान जेई बाढ़ खंड तिगरी।
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