अमरोहा। पिछले दिनों लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों को असमंजस में डाल दिया था। फरवरी में तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच गया था। ऐसे में गेहूं व आम की फसल पर संकटों के बादल छा गए थे, लेकिन बुधवार की सुबह अचानक मौसम बदल गया। तड़के में हुई बूंदाबांदी से ठंड का एहसास होने लगा, जबकि दोपहर तेज धूप खिलने पर लोग बेहाल हो उठे। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ये मौसम फसलों के मुफीद रहेगा। मौसम में हुए बदलाव के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अमरोहा में फरवरी माह के पहले सप्ताह से ही गर्मी के तेवर तल्ख रहे हैं। लगातार बढ़ते तापमान को लेकर गेहूं की फसल पर भी संकट के बादल छा गए थे, लेकिन बीती रात अचानक मौसम ने करवट बदली। आसमान में बादल छाए और तड़के में बूंदाबांदी शुरू हो गई। तेज हवा के झोंकों के साथ हुई बूंदाबांदी ने किसानों के चेहरे की रंगत उड़ा दी। किसानों को बेमौसम बूंदाबांदी और तेज हवा से किसानों को गेहूं और सरसों की फसल के गिरने का डर था।
जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि इस बूंदाबांदी उसे फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा, इस समय की बारिश और फायदेमंद होगी, लेकिन तेज हवा फसल को गिरा सकती है। मौसम में अचानक हुए बदलाव के कारण दो डिग्री अधिकतम और तीन डिग्री न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जबकि 28 फरवरी को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।