दिसंबर माह की शुरुआत होने के बाद सर्दी का असर बढ़ने लगा है। पिछले दो दिन से हवाओं का रुख भी बदला हुआ है। पछुआ हवा चलने से मौसम में ठंडक भी बढ़ गई है। दिन में मौसम साफ रहने के बाद चटक धूप भी खिल रही है, लेकिन सर्द हवाओं के बीच सूरज की तपिश बेअसर साबित हो रही है। रविवार रात बूंदाबांदी के बाद सोमवार को घरों की छतों पर और पार्कों में धूप सेंकने के लिए भीड़ रही, लेकिन नौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं के कारण धूप में भी लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। देर शाम फिर सर्दी का एहसास हुआ।
सोमवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री व न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यहीं वजह रही कि बढ़ती ठंड के मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को 869 मरीजों की ओपीडी हुई। चिकित्सकों के अनुसार निमोनिया और वायरल बुखार के मामलों में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है। बच्चों को होने वाली सर्दी-जुकाम और खांसी की वजह से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, इसलिए मौसम में हो रहे बदलाव के कारण ठंड और गर्मी के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, हल्के गर्म कपड़े पहनने, संतुलित आहार लेने और साफ-सफाई का ध्यान रखने से बीमारियों से बचा जा सकता है। हल्के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।