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ड्रिप चढ़ाने में लापरवाही से मासूम को गंवाना पड़ा हाथ 

Fri, 10 Jun 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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hospital - फोटो : अमर उजाला
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मां-बाप कलेजे के टुकड़े को लेकर धरती के भगवान का दरवाजा खटखटाते रहे, मगर हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती गई। मेरठ के चिकित्सकों ने बच्चे की जान बचाने के लिए हाथ कटवाने की सलाह दी। इस पर मजबूर हुए दंपति ने दिल पर पत्थर रखा और इजाजत दे दी।

परिजनों का आरोप है कि ड्रिप चढ़ाने में चिकित्‍सक की लापरवाही के चलते मासूम को हाथ गंवाना पड़ गया। डाक्टर की लापरवाही की शिकायत सीएमओ दफ्तर में की। मसले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने उसको नोटिस जारी किया है, लेकिन चिकित्सक ने अभी कोई जवाब नहीं दिया है। 
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जनपद बिजनौर के थाना चांदपुर के मोहल्ला काजीजादगान (रागिब नगर) के रहने वाले साबिर अली ने 22 अप्रैल 2016 को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया था, जिसमें उसने कहा था कि उसके नवजात बेटे मोहम्मद कैश की हालत डिलीवरी के बाद बिगड़ गई थी। 

लोगों के कहने पर उसने बेटे को बछरायूं में एक निजी चिकित्सक को दिखाया था, जिसने बाकायदा उसको ड्रिप लगाई थी, पर स्थिति में सुधार नहीं हुआ था। चिंताजनक स्थिति होने पर बेटे को दूसरे डाक्टरों के पास ले गए, मगर फायदा नहीं हुआ। 

धीरे-धीरे उसका दायां हाथ काला पड़ता गया। मेरठ गए तो डाक्टरों ने गैंगरीन बीमारी बताई। गलत दवाई व ड्रिप को जिम्मेदार ठहराया। दवा खाने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी और मर्ज बढ़ता गया, जिसे देखकर मां-बाप बेचैन हो गए। दवाइयां बेअसर होने पर डाक्टरों ने दंपति को हाथ कटवाने का परामर्श दिया। परिजनों की हामी भरने के बाद डाक्टरों ने ऑपरेशन कर उसका हाथ काटकर जान बचाई। 

क्या है गैंगरीन 
जब किसी भी कारण शरीर के किसी अंग में ऊतक समूह की मृत्यु हो जाती तब उस व्याधि गैंगरीन कहते हैं। गैंगरीन जानलेवा स्थिति का संकेत है। यह रोग ऊतक के नाश के अलावा धमनी के रोग, धमनी पर दबाव या उसकी क्षति, विषैली दवाइयों के प्रभाव,  जलना, धूल आदि से पैदा होता है। 
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शिकायत मिली थी, इस पर संबंधित चिकित्सक को सीएमओ कार्यालय में  बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया था लेकिन अभी तक उसने बयान नहीं लिखाए हैं। न ही अपनी डिग्री से संबंधित अभिलेख दिखाए हैं। इसलिए अब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई होगी।-  रामजी वर्मा, नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग
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