पालिका के कर्मचारियों का धरना समाप्त हो जाने पर गजरौला में पांच दिन बाद पेयजल और सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटी। सड़कों पर पसरी गंदगी और लगे ढेरों को हटाया गया। पेयजल आपूर्ति होने पर नागरिकों ने राहत की सांस ली।
बीते बुधवार से नगर पालिका के संविदा आउट सोर्सिंग कर्मचारी पांच महीने के मानदेय दिलाने की मांग पर पालिका के सामने धरने पर बैठ गए थे। अगले दिन बृहस्पतिवार से उनके धरने में अन्य संगठन के कर्मचारी शामिल हो गए थे। धरने को बेमियादी कर दिया गया था। पालिका के सभी कार्य ठप हो गए थे।
सफाई व्यवस्था चौपट होने के कारण सड़क, गली, मोहल्लों में गंदगी के ढेर लग गए थे। पेयजल की आपूर्ति नहीं होने पर लोग हैंडपंप से पानी भरकर काम चला रहे थे। रविवार रात एसडीएम चंद्रकांता ने कर्मचारियों के बीच जाकर उनका धरना समाप्त कराया। सोमवार सुबह से पालिका के कर्मचारी काम पर लौट आए। चौपट हुई सफाई व्यवस्था पांच दिन बाद पटरी पर लौटी। पेयजल की आपूर्ति होने पर नागरिकों ने राहत की सांस ली।
- नगर में ईओ के कारण जो विकास रुक गए थे, उनको जल्द से जल्द कराया जाएगा। सड़क बनाई जाएंगी। पथ प्रकाश के लिए लाइट लगेंगी। औद्योगिक क्षेत्र में काम होंगे। - राजेंद्री उर्फ उमा देवी, पालिकाध्यक्ष गजरौला।