बाल्टी में डूबने से मासूम की मौत के बाद विलाप करते परिजन
मां बदहवास हो गई तो जानकारी पर पिता भी सुध-बुध खो बैठा। इस घटना ने पड़ोसियों को भी झकझोर दिया है। सबकी आंखें नम हो गईं। दोपहर बाद मासूम को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। शहर के बेगम सराय कलां मोहल्ला निवासी नदीम ढोलक बनाने का काम करता है।
सोमवार सुबह वह काम करने चला गया। पत्नी नाजिया फात्मा दो वर्षीय बेटे अबूवक्र के साथ घर में अकेली रह गई। नाजिया फात्मा कपड़े धो रही थी। मासूम बेटा पास में ही खेल रहा था। इधर, पास में ही रखी बाल्टी में पानी भर रहा था। इस दौरान किसी समय बच्चा बाल्टी में गिर गया। उसमें डूबकर बालक की मौत हो गई।
उधर, फात्मा कपड़े धोने में मशगूल रही। काफी देर बाद तक मासूम दिखाई नहीं दिया तो मां को चिंता हुई। उसने इधर-उधर देखा तो वह बाल्टी में मृत दिखा। इस पर उसकी चीख निकल गई। उसके रोने बिलखने पर पड़ोस की महिलाएं इकट्ठा हो गईं। पता लगने पर नदीम भी आ गया। घर में कोहराम मच गया। दोपहर बाद मासूम को दफन कर दिया गया।
बेटे की मौत पर सुुध बुध भूली नाजिया
पानी भरी बाल्टी में डूबकर मासूम की मौत हो जाने से परिजनों का रो रोकर बुुरा हाल था। मां नाजिया फात्मा बेटे को आवाज लगाकर बुरी तरह से विलाप कर रही थी। बीच-बीच में बेहोश हो जाती थी। पड़ोस की महिलाएं उसे समझा रहीं थीं।
बेहोश होकर जमीन पर गिरा नदीम
ढोलक बनाने का काम कर रहे नदीम को जब यह दुखद खबर मिली कि उसके इकलौते बेटे अबुवक्र की पानी की बाल्टी में डूबकर मौत हो गई है, वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। बड़ी मुश्किल से लोगों ने उसे संभाला तथा घर पहुंचाया। मासूम बेटे की मौत पर वह गुमसुम हो गया। लोगों से अनर्गल सी बातें करने लगा। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था।