मेला कमेटी की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी ने टोल टैक्स के मुद्दे पर जोर दिया। कहा कि बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित हो गया है कि मेला टोल टैक्स फ्री होगा। इसलिए इस बात में असमंजस न रखें। ये बोर्ड का निर्णय है। कानून की सहमति है। फाइल हमारे पास है। मेला टोल टैक्स फ्री ही होगा। इससे पूर्व जिला प्रशासन ने टैक्स लेने की बात कही थी।
ऐतिहासिक तिगरी गंगा कार्तिक पूर्णिमा मेले का आगाज 10 नवंबर से गंगा पूजन के साथ हो रहा है। मेले की तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को मेला कमेटी की पहली बैठक जिला पंचायत के खेमे में हुई। जिसमें मेले की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन मीटिंग सिर्फ आधा घंटा में ही सिमट गई।
इस दौरान बैठक में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के न पहुंचने से जिला पंचायत सदस्य भड़क गए और नाराजगी जाहिर करते हुए अध्यक्षा से प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खेमों में चल रही तैयारी पर रोक लगाने पर जोर दिया। जिस पर सहमति भी बनी। बैठक में सबसे पहले जिला पंचायत के इंजीनियर भगत सिंह ने मेले के व्यय मद को पढ़ कर सुनाया।
इसी दौरान अध्यक्ष के सामने टेबल पर नाश्ता भी सज गया। बैठक में अध्यक्षा रेनू चौधरी और पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह के अलावा सीडीओ प्रतिनिधि भजन वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डा. दिनेश खत्री, बीएसए शमीम खानम, एसीएमओ डा. श्रीकांत शर्मा थे। जिस पर जिला पंचायत सदस्य भड़क गए।
सदस्य पति भूपेंद्र सिंह ने अध्यक्षा से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मेला कमेटी की ये पहली बैठक है। जिसमें न तो पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस व प्रशासन के अधिकारी गैर हाजिर हैं। अधिकारियों के प्रतिनिधि भी नहीं आए। इतना ही नहीं मेला कोतवाली इंचार्ज भी मौजूद नहीं हैं। ये बैठक है या औपचारिकता निभाई जा रही है। जबकि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के डेरों में सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। ये कार्य भी जिला पंचायत की ओर से हो रहा है। अधिकारियों के डेरों में कार्य रुकवा दिया जाएगा।
भूपेंद्र सिंह की आवाज पर सभी सदस्य एकजुट हो गए और अधिकारियों के डेरों में चल रही तैयारियों पर रोक लगाने की मांग की। अध्यक्षा ने सदस्यों की बात पर समर्थन करते हुए इंजीनियर भगत सिंह से अधिकारियों के डेरों में कार्य रुकवाने के निर्देश दिये। तब कहीं पंचायत सदस्यों का गुस्सा शांत हुआ।