गजरौला। केमिकल और कीटनाशक दवाएं बनाने वाली फैक्टरी में आयकर विभाग की टीम ने तीसरे दिन भी दस्तावेज खंगोले। अधिकारी और कर्मचारियों से पूछताछ की। गौर करने वाली बात यह है कि तीन दिन में टीम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी फैक्टरी से बाहर नहीं निकला है। सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई और भी लंबी हो सकती है।
औद्योगिक क्षेत्र में स्थित केमिकल और कीटनाशक दवाएं बनाने वाली फैक्टरी में आयकर विभाग की टीम मंगलवार की सुबह छह बजे छापा मारा था। दिल्ली आयकर विभाग की टीम को यह सूचना मिली है कि फैक्टरी में करोड़ों का कारोबार हो रहा है, लेकिन कर से बचने के लिए आय बहुत कम दिखाई जा रही है। टीम ने फैक्टरी के अधिकारी व कर्मचारियों के मोबाइल भी जब्त कर लिए हैं। तीन दिन से फैक्टरी में टीम दस्तावेज खंगाल रही है। एक-एक कागज को देखा जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक जा रही। दिन भर टीम के अधिकारी व कर्मचारी यह सूची बनाने में लगे रहे कि फैक्टरी के क्या-क्या उत्पाद हैं। यहां पर कहां से कितना माल आता है।
सूत्रों ने बताया कि टीम को फैक्टरी में आयकर चोरी से कुछ सुराग हाथ लगे हैं। इसी कारण टीम ने दिन भर देर रात तक कार्रवाई करने के बाद यहीं पर रात में विश्राम किया। टीम शुक्रवार को भी कार्रवाई जारी रखेगी। सीओ मंडी धनौरा श्वेताभ भास्कर का कहना है कि आयकर विभाग की टीम की बृहस्पतिवार की रात भी कार्रवाई जारी रही।
आयकर विभाग की टीम द्वारा केमिकल और कीटनाशक दवाएं बनाने वाली फैक्टरी में बड़ी तैयारी के साथ छापा मारा। उसने सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना पुलिस से एक भी पुलिसकर्मी नहीं लिया। सुरक्षा में 16 सिपाही और दो दरोगा तैनात हैं। उनको पुलिस लाइन या बाहर से लगाया गया है। पुलिस कर्मी फैक्टरी के अंदर दो शिफ्ट में तैनात रहते हैं। एक शिफ्ट में एक दरोगा के नेतृत्व में आठ सिपाही फैक्टरी के अंदर चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहते हैं। जो शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही फैक्टरी के कर्मचारियों की निगरानी करते हैं। यह भी देखते हैं कि कौन क्या कर रहा है। गेट पर कोई बाहर से तो नहीं आ रहा है।