अमरोहा। नगर के मोहल्ला किशनगढ़ में रास्ते पर दीवार खड़ी करने को लेकर भाजपा के दो पदाधिकारी आमने-सामने आ गए। नौबत गाली गलौज और धमकी तक पहुंच गई। धमकी का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। वहीं पुलिस और नगर पालिका की टीम में रास्ते पर खड़ी की गई दीवार को ध्वस्त करा दिया। मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
अमरोहा नगर में एक नेता मीडिया प्रभारी हैं। जबकि दूसरे भाजपा आईटी सेल के पदाधिकारी हैं। मीडिया प्रभारी अमरोहा नगर पालिका परिषद के पंजीकृत ठेकेदार भी हैं। आरोप है कि नगर पालिका के द्वारा मोहल्ला किशनगढ़ में इमरत के मकान से राजू के मकान तक सीसी सड़क पर नाली निर्माण कार्य कराए जाने के लिए ठेका स्वीकृत हुआ था। नगर पालिका ने 23 सितंबर को इसका कार्यदेश भी जारी कर दिया। आरोप है कि आईटी सेल के पदाधिकारी व मोहल्ले के कुछ लोगों ने रातों-रात रास्ते में दीवार खड़ी कर दी। इसकी जानकारी नगर पालिका के अधिकारियों को हुई तो 26 सितंबर को जेसीबी से दीवार को गिरवा दिया गया। लेकिन जब सड़क का निर्माण करने के लिए मीडिया प्रभारी कार्यस्थल पर पहुंचे तो आईटी सेल के पदाधिकारी व गली के अन्य लोगों ने घमकाया। गाली गलौज की गई। माहौल बिगड़ता देख मीडिया प्रभारी वापस लौट आए।
आरोप है कि दोपहर 2 बजे आईटी सेल के पदाधिकारी ने मीडिया प्रभारी को फोन करके धमकाया। गाली गलौज की। निर्माण कार्य करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में मीडिया प्रभारी ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में नगर पालिका की टीम में रास्ते में खड़ी दीवार को पूरी तरह ध्वस्त करा दिया। इसके बाद दोनों भाजपा नेताओं के बीच समझौता भी हो गया।
सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि एक पक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। जिलाध्यक्ष उदयगिरी गोस्वामी ने प्रकरण संज्ञान में होने से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। पार्टी की छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।