नौगांवा सादात (अमरोहा)। घर से ब्रजघाट में गंगा नहाने के लिए गए अक्षय गुप्ता (28) की संदिग्ध हालत में डूबकर मौत हो गई। 72 घंटे बाद बुधवार दोपहर अक्षय का शव घटनास्थल से करीब 14 किलोमीटर दूर हसनपुर क्षेत्र के गांव दयावली के पास गंगा में उतराता मिला। सूचना पर पहुंची गढ़मुक्तेश्वर और गजरौला पुलिस ने जांच की। इसके बाद गढ़मुक्तेश्वर पुलिस अपने कब्जे में ले गई। हालांकि, इससे पहले गढ़मुक्तेश्वर और गजरौला पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही।
अक्षय गुप्ता नौगांवा सादात क्षेत्र के जमना खास गांव के रहने वाले नरेश सिंह के बेटे थे। नरेश सिंह के परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं। दूसरे नंबर के अक्षय गुप्ता पिता के साथ किराना की दुकान पर रहते थे। परिजनों के मुताबिक चार भाई-बहनों में मझले अक्षय गुप्ता सोमवार को ब्रजघाट में गंगा नहाने गए थे। देर रात ब्रजघाट गंगा पुल के पास उसकी स्कूटी संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। पुलिस ने जब आसपास तलाश की तो गजरौला चौकी क्षेत्र में उनके कपड़े और मोबाइल फोन बरामद हुए।
इससे पुलिस और परिजनों में अलग-अलग आशंकाए उभर रही हैं। पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि अक्षय गुप्ता ने स्वयं गंगा में छलांग लगाई या कोई अन्य अप्रिय घटना हुई है। लापता अक्षय के जीजा राजकुमार गुप्ता एमपी में न्यायाधीश के पद पर तैनात हैं। ब्रजघाट में ही उनका आवास है। गढ़ और अमरोहा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। गोताखोरों ने काफी तलाश किया लेकिन अक्षय का कोई पता नहीं चला। बुधवार दोपहर अक्षय का शव घटनास्थल से करीब 14 किलोमीटर दूर हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के दयावली के पास गंगा में मिला। इसके बाद मौके पर पहुंची गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि गंगा में डूबने की घटना गढ़मुक्तेश्वर की है, इसलिए वहीं की पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है।