अफसरों के संरक्षण में मंडल के सेहत महकमे में अटैचमेंट में ‘खेल’ चल रहा है। यहां तमाम चिकित्सकों की तैनाती कहीं है, जबकि उन्होंने अपने फायदे के लिए अटैचमेंट कहीं और करा रखा है। इससे मूल तैनाती वाले जनपदों में सेहत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी दिक्कत पेश आ रही है। अब जब ये मामला शासन के संज्ञान में आया तो खलबली मच गई।
उसने आननफानन में कार्रवाई करते हुए डाक्टरों की संबद्धता को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है। मंडल के पांच डाक्टर उसकी कार्रवाई के घेरे में आए हैं, जिसके बाद विभाग में हलचल मची है।
चिकित्साधिकारी लेवल 3 के डा.अवनीश कुमार की मूल तैनाती बिजनौर जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद में है, जबकि वह जिला चिकित्सालय अमरोहा से संबद्ध हैं। चिकित्साधिकारी लेवल 1 के डाक्टर विजय कुमार की तैनाती सीएमओ अमरोहा के अधीन है, जबकि वह जनपद बिजनौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंज से संबद्ध हैं। चिकित्साधिकारी लेवल 2 के डाक्टर रजनीश कुमार की तैनाती टीबी क्लीनिक बिजनौर में है, मगर वह संबद्ध जिला चिकित्सालय बिजनौर से हैं।
चिकित्साधिकारी लेवल 1 के डाक्टर ईश्वरानंद कुमार की तैनाती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोतवाली (बिजनौर) है, लेकिन वह नगीना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजनौर से अटैच हैं। चिकित्साधिकारी लेवल 1 के डाक्टर शक्तिनाथ सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुरैनी में तैनात हैं, जबकि उनको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोतवाली जनपद बिजनौर से अटैच किया गया है।
अधिकारियों की बात पर यकीन करें तो सभी डाक्टर पीएमएचएस संवर्ग के विभिन्न श्रेणी के हैं, जिनकी संबद्धता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए शासन ने उन्हें मूल स्थान पर योगदान आख्या प्रस्तुत करने को आदेशित किया गया है। प्रमुख सचिव उ.प्र. चिकित्सा अनुभाग ने प्रत्येक सीएमओ को आदेश दिए हैं कि वह शासनादेश पर तत्परता के साथ अमल करें और कार्यालय को उनके मूल स्थान पर योगदान देने के बारे में अवगत कराएं।