अमरोहा। गन्ने की पत्ती को पराली में शामिल करने के बाद महकमे ने सकारात्मक पहल की है। जिले की तीनों गन्ना समितियों ने कृषि उपकरणों की खरीदारी की है, जिसमें मल्चर (गन्ने की पत्तियों को काटने वाला) और रिवर्सेविल प्लाऊ (मिट्टी पलट हल) शामिल है। अब किसान समितियों से किराए पर ले सकते हैं। प्रति घंटे 25 रुपये किराया जमा करना होगा। सुपरवाइजर की रिपोर्ट के बाद मल्चर और रिवर्सेविल प्लाऊ खरीद सकते हैं।
फसलों की पत्तियों को जलाने के बाद प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई है। यह मानव जीवन के लिए खतरे का संकेत बन गया है। एनसीआर में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। प्रदेश सरकार ने गन्ने की पत्ती को भी पराली में शामिल कर लिया है। इसके चलते किसान मुश्किल में हैं। दरअसल किसानों के पास पत्तियों के निस्तारण का कोई विकल्प नहीं रहता है। इसके चलते कई जगहों पर किसान गन्ने की पत्तियों को जला देते हैं, लेकिन अब उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। जिले की अमरोहा, हसनपुर और धनौरा की गन्ना समितियों से उन्हें किराए पर मल्चर और रिवर्सेविल प्लाऊ (मिट्टी पलट हल) किराए पर मिलेगा। इससे मल्चर गन्ने की पत्तियों को काट देता है। इसके बाद मल्चर से जुताई कर सकता है। गन्ना समिति के कार्यालय परिसर में जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने कृषि उपकरणों के बारे में बताया। इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह, सचिव जीपी गोस्वामी आदि रहे।