राजस्व अभिलेखों के अनुसार जिलेभर में तालाबों की संख्या करीब पांच हजार के आसपास है। जिसमें अधिकांश कई तालाबों पर कब्जा होने के कारण उनका अस्तित्व की खत्म हो गया है। बचे तालाब भी उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। इन तालाबों पर भी कब्जे होने के साथ-साथ सफाई न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन तालाबों का पानी सड़कों पर उतरने लगता है। तो कहीं तालाबों के किनारे गंदगी पसरी रहने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात से पहले डीएम निधि गुप्ता वत्स ने तालाबों का जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया है। जिनका मनरेगा व राज्य वित्त की मद से कायाकल्प किया जाएगा। डीएम के निर्देश को अमलीजामा पहनाए जाने के लिए चयनित किए गए तालाबों पर सौंदर्यीकरण का काम भी कराया जाएगा। इन तालाबों की सफाई का अभियान चलेगा।
मनरेगा से होगा काम
चिह्नित किए गए तालाबों पर पंचायत स्तर पर काम किया जाएगा। जहां मनरेगा से काम नहीं हो सकेगा, वहां ग्राम पंचायत के राज्य वित्त की मद से काम कराकर तालाबों की सफाई कराई जाएगी। सफाई के साथ-साथ ही वहां पर तालाबों का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बरसात से पहले इन तालाबों के कायाकल्प करने की कोशिश की जाएगी।
चौधरपुर में तालाब पर मिलेगी नौकायन की सुविधा
जोया ब्लॉक के गांव चौधरपुर में तालाब के जीर्णोद्धार को बड़े स्तर पर काम कराया जा रहा है। यहां ग्रामीणों को सुबह-शाम की सैर के अलावा नौकायन की सुविधा दिए जाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
अमृत सरोवरों पर भी होगा काम
ग्रामीण इलाकों में बनाए गए अमृत सरोवरों की दशा सुधारने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए सभी पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा से इन तालाबों की साफ-सफाई कराई जाएगी।
तालाब हमारे जीवन एवं प्रकृति का अहम हिस्सा हैं। इनको संरक्षित करने के लिए चिह्नीकरण के निर्देश दिए गए हैं। तालाबों का चिह्नीकरण का काम पूरा होने के बाद इनका कायाकल्प किया जाएगा।
- निधि गुप्ता वत्स, डीएम