धनौरा में प्राइमरी स्कूल संख्या एक के निरीक्षण के दौरान स्कूल की जर्जर छत को देखते हुए जिलाधिकार?
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मंडी धनौरा। संपूर्ण समाधान दिवस से पहले नगर के प्राइमरी स्कूल संख्या एक के औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे जिलाधिकारी उमेश मिश्र वहां की हालत देेखकर बुरी तरह चौंक गए। एक शिक्षिका ने जर्जर भवन की ओर उनका ध्यान दिलाया तो डीएम ने वहीं मौजूद बीएसए से पूछा क्यों बच्चों की जान लेना चाहते हो। उन्होंने कायाकल्प के तहत कार्रवाई नहीं करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए भवन की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी ने गंदगी के लिए ईओ का स्पष्टीकरण तलब किया और खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश बीएसए को दिए हैं।
जिलाधिकारी उमेश मिश्र मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में हिस्सा लेने आए थे। अचानक उन्होंने अपना रुख प्राइमरी स्कूल संख्या एक की ओर कर दिया। वहां मौजूद दो पुरुष शिक्षक मोबाइल चला रहे थे। डीएम को अचानक वहां देखकर वे बुरी तरह घबरा गए। डीएम ने उनको कड़ी फटकार लगाते हुए बच्चों के भविष्य पर ध्यान देने के लिए कहा। प्रधानाध्यापिका पूनम से बच्चों की संख्या की जानकारी की। प्रधानाध्यापिका पूनम ने जिलाधिकारी का ध्यान स्कूल के जर्जर भवन की ओर दिलाया। छत का प्लास्टर कई स्थानों पर उखड़ा हुआ था। जर्जर भवन देखकर जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने मौके पर मौजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर देखकर कहा कि क्यों बच्चों की जान लेना चाहते हो। उन्होंने कायाकल्प के तहत कार्रवाई नहीं करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए भवन की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। प्रधानाध्यापिका का कहना था कि भवन के जर्जर होने की वजह से हर समय खतरा बना रहता है। जर्जर भवन के कारण ही एक कक्ष बंद पड़ा हुआ है। डीएम ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। डीएम ने शिक्षकों को शिक्षण कार्य में सुधार लाने व अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से पालन करने के निर्देश दिए। चेतावनी भी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर बीएसए चंद्रशेखर व तहसीलदार आदि मौजूद थे।
22 बच्चों के सापेक्ष पांच शिक्षकों की तैनाती पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की
मंडी धनौरा। प्राइमरी स्कूल संख्या एक के निरीक्षण के दौरान वहां 22 बच्चे मौजूद थे जबकि वहां पांच अध्यापकों की तैनाती है। जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या बैठे बैठे वेतन लेंगे। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पूरे जनपद में बालक व शिक्षकों का अनुपात सही किए जाने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि सोमवार को ही अमर उजाला ने इस संबंध में एक खबर प्रकाशित की थी। किसी विद्यालय में शिक्षक नहीं है तो किसी विद्यालय में पांच पांच शिक्षक तैनात है। विकास खंड के गांव रमपुरा व अम्हेड़ा का प्राइमरी स्कूल शिक्षकों की कमी की वजह से बंद पड़े हुए हैं।
जनपद के प्राइमरी स्कूल में पठन-पाठन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों में बालक व शिक्षक अनुपात सही कराया जाएगा। स्कूलों में नहीं जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उमेश मिश्र, जिलाधिकारी