अमरोहा। कोरोना महामारी के निराशाजनक दौर में ईद के पावन पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए जनपद पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा है। ईद की नमाज के लिए मस्जिद और ईदगाहों में न जाने की अपील की गई है। सुरक्षा के लिहाज से जिले को तीन सुपर जॉन 12 जून और 41 सेक्टरों में बांटा गया है। यहां पर सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन से होगी। ईद के मौके पर भारी पुलिस फोर्स लगाया गया है। कोविड-19 नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी सुनीति ने बताया कोरोना वायरस के इस निराशाजनक दौर में अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हम सब की है। इसलिए ईद के पावन पर्व पर अमरोहा पुलिस द्वारा मुस्लिम समाज के लोग अपने-अपने घरों पर ही ईद की नमाज अदा करें। ईद की नमाज के लिए आप लोग मस्जिदों और ईदगाहों पर न जाएं। सामूहिक नमाज के लिए भी एकत्रित न हों। कोविड-19 के दृष्टिगत वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी के अनुरूप ही निर्धारित संख्या पांच व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मस्जिदों में नमाज अदा कर सकते हैं। ईद को सकुशल संपन्न कराने के सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ईद को लेकर जनपद में जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट स्कीम लागू की गई है। इसके लिए जिले को 3 सुपर जोन, 12 जोन और 41 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। सभी प्रमुख स्थानों की वीडियोग्राफी होगी। कानून और शांति व्यवस्था के दृष्टिगत विभिन्न स्थानों पर 650 पुलिसकर्मियों और एक कंपनी पीएसी की तैनाती की गई है। दिन और रात्रि के लिए अलग-अलग से क्यूआरटी टीमों का गठन किया गया है।
इसके अलावा एसओजी, स्वॉट टीम और सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। 625 होमगार्डों और पीआरडी जवानों को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनपद के प्रत्येक थाना पर पीस कमेटी की बैठक कर लोगों को समझा गया है। स्पष्ट है कि अगर कोई अफवाह फैलाता या खुराफात करते हुए पकड़ में आया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।