जिला अस्पताल में क्षय रोगियों की जांच के लिए केंद्र खुला हुआ है। जिसमें जिलेभर से सैकड़ों मरीजों की जांच की जाती है। जिसमें कुछ मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव भी आती है। जिनका रिपोर्ट के अनुसार दवाइयों का कोर्स शुरू करा दिया जाता है। जिला अस्पताल में स्थित क्षय रोग जांच केंद्र में एक एक्सरे, एक माइक्रोस्कॉपिंग, दो ट्रूनेट मशीन उपलब्ध हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी विशाल त्रिवेदी ने बताया कि जिले में होने वाली टीबी के रोगियों की जांच में अधिक समय लगता है, इसलिए चार ट्रूनेट मशीन की डिमांड करते हुए शासन को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने बताया कि ट्रूनेट मशीन की संख्या बढ़ने से मरीजों की जांच में आसानी होगी।
ट्रूनेट मशीन का यह होगा लाभ
ट्रूनेट मशीन की विशेषता है कि एक साथ दाे सैंपल की जांच की जा सकती है। जिससे दो मरीजों की रिपोर्ट एक साथ मिल जाती है। साथ ही इस मशीन की जांच में गुणवत्ता पाई जाती है, जिसकी रिपोर्ट ठीक होती है।
18 लाख रुपये की एक मशीन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक ट्रूनेट मशीन की कीमत करीब 18 रुपये है। जिला अस्पताल में मशीन आने के बाद सीएचसी में भी मशीनों को जांच के लिए भेजा जा सकता है। जिससे स्थानीय लोगों को सीएचसी में ही जांच की सेवा मिल सके।
- टीबी की जांच के लिए ट्रूनेट मशीन का प्रयोग किया जाता है। इसकी जांच में काफी शुद्धता होती है। शासन को चार और मशीनों का डिमांड का प्रस्ताव भेजा है, जिससे क्षेत्रीय लोगों को लाभ मिल सके। विशाल त्रिवेदी, जिला क्षय रोग अधिकारी