जिला पंचायत की बोर्ड की बैठक में वर्ष-2016-17 के लिए 1646.56 लाख रुपये परिव्यय निर्धारित किया गया। जिससे जनपद के ग्रामीण अंचलों में विकास कार्य कराए जाएंगे।
जिला पंचायत की आमदनी बढ़ाने के लिए पुराने बायलॉज में बदलाव कर होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंट की शुल्क वृद्धि पर सहमति बनी। वहीं चाय, खोखे और फेरी लगाकर बिक्री करने वालों से कोई शुल्क नहीं लेने का प्रस्ताव पास हुुआ। तिगरी मेला संपन्न कराने के लिए मेेला समिति में गंगा किनारे के जिला पंचायत सदस्यों को रखने पर आम सहमति बनी।
शनिवार दोपहर कलेक्ट्रेट सभागार में अध्यक्ष रेनू चौधरी की अध्यक्षता में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अध्यक्ष ने कहा कि सदस्यों द्वारा जिला पंचायत के विकास कार्यों में जो सहयोग किया जा रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने सभी सदस्यों से इसी तरह सकारात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी का सहयोग बना रहा तो अमरोहा जिला विकास के मामले में सबसे अलग दिखेगा। वह तिगरी से लेकर सभी जगह का इतना विकास कराएंगी कि उनके कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को हमेेशा याद रखा जाएगा। नमामि गंगे का कार्य जनपद में शुरू हो गया है, जबकि अन्य जिले इसमें काफी पीछे हैं। बैठक में सदस्य राजीव तरारा ने कहा कि उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। राशन वितरण का हाल बुरा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी सफाई कर्मचारी गांवों में नहीं पहुंचता है।
जिला पंचायत सदस्य पति युद्धवीर सिंह ने भी राशन वितरण में गड़बड़ी की बात रखी। पंचायत सदस्य पति टेकचंद्र ने अपने साथ भेदभाव का आरोप लगाया। कहा कि उन्होंने तीन कार्य सौंपे थे, लेकिन एक पर भी ध्यान नहीं दिया गया। अलाउद्दीन सैफी ने कहा कि हलवाई की दुकानों पर अच्छा खासा टैक्स लगाया जाए। क्योंकि मिठाई की दुकानों पर जमकर मिलावट की जाती है। भूपेंद्र सिंह ने जिला पंचायत के अवर अभियंताओं को निरंकुश बताया। कहा कि कई बार फोन करने के बाद भी जेई किसी भी सदस्य की कॉल रिसीव नहीं करते। अवर अभियंताओं की निरंकुशता पर अंकुश लगाया जाए।