अमरोहा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य रविवार यानी आज अमरोहा का दौरा करेंगे। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर मंथन करने के लिए होगा। हाल ही में भाजपा की ओर से संगठन में बदलाव हुआ तो कहीं न कहीं कार्यकर्ताओं में ही विरोध की बात सामने आने लगी। ऐसे में डिप्टी सीएम का दौरा अहम माना जा रहा है।
2019 में जहां लोकसभा चुनाव में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा था तो 2022 के विधानसभा चुनाव में भी जिले की चार सीटों में दो ही भाजपा के पाले में आई थीं। अब 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती है।
भाजपा ने हाल ही में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की। अमरोहा से उदयगिरी गोस्वामी को जिलाध्यक्ष बनाया गया था। जबकि, जिलाध्यक्ष की दौड़ में जाट, चौहान, गुर्जर, सैनी, अनुसूचित जाति से करीब 25 से 30 नेताओं की सूची भेजी गई। जिलाध्यक्ष की दौड़ में उदयगिरी गोस्वामी दूर-दूर तक नहीं थे। जिसके बाद कहीं न कहीं दावेदारों व उनके समर्थकों में मायूसी और नाराजगी देखने को मिली। भाजपा के इस दांव का दबी जुबां में विरोध हो रहा है। लेकिन, इस फैसले का असर आगामी लोकसभा चुनाव में न पड़े इसके लिए हाईकमान में मंथन करना शुरू कर दिया है। हालांकि नए जिलाध्यक्ष के लिए लोकसभा चुनाव में भाजपा की नैया पार लगाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। हालांकि, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की एकजुटता चुनाव में बेहद काम आएगी। इस मंशा के मद्देनजर कहीं न कहीं डिप्टी सीएम का दौरा बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 24 सितंबर रविवार को डिप्टी सीएम जिले में पार्टी कार्यालय में पहुंचकर कार्यकर्ताओं से रूबरू हाेंगे।
लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव में मिली थी चुनौती
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा था। बसपा-सपा-रालोद के गठबंधन से कुंवर दानिश अली ने भाजपा के कंवर सिंह तंवर को 63 हजार 246 वोटों से हराया था। वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की चार सीटों में से ही दो पर भाजपा को जीत हासिल हुई। इनमें हसनपुर से महेंद्र सिंह खड़गवंशी और धनौरा से राजीव तरारा भाजपा से जीत थे। वहीं, अमरोहा व नौगांवा सीट सपा के खाते में गई थी। अमरोहा से महबूब अली तो नौगांवा से समरपाल सिंह ने भाजपा को मात दी थी।