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Amroha News: विभागीय अधिकारियों का दावा, 16 तक नहरों में पहुंचेगा पानी

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अमरोहा। लंबे इंतजार के बाद अब जल्द ही जनपद की नहरों में पानी की धारा बहती दिखाई देगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने तैयारी कर ली है। 16 जुलाई तक ट्रायल के तौर पर पानी नहरों में पहुंचेगा। इससे जिले के करीब चार लाख किसानों को फायदा मिलेगा और गिरते भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
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जिले में 4,990 करोड़ रुपये की लागत से जिले में मध्य गंगा नहर परियोजना का निर्माण कराया। नहरों और रजवाहों के निर्माण से किसानों को बेहतर सिंचाई व्यवस्था मिलने की उम्मीद जगी है, लेकिन वर्तमान में अधिकांश नहरें सूखी पड़ी हैं। हालांकि अब नहरों में पानी आने की बात कही जा रही है। मध्य गंगा नहर परियोजना के तहत जिले में चंदौसी और बहजोई शाखाओं का निर्माण किया गया था। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में छोटे-छोटे रजवाहे भी बनाए गए ताकि खेतों तक आसानी से पानी पहुंच सके।
हसनपुर क्षेत्र के देहरा और चमर पतेई के पास से गुजरने वाली नहरों में कुछ समय के लिए पानी छोड़ा गया था, लेकिन बाद में आपूर्ति बंद हो गई। वहीं डिडौली क्षेत्र में कैलसा और शेखूपुरा गुर्जर के पास से निकाली गई नहरों में अभी तक नियमित रूप से पानी नहीं पहुंच पाया है।
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रजवाहों में उगी घास, सफाई का इंतजार
नहरों से जुड़े कई रजवाहों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। इनमें जगह-जगह घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे पानी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते रजवाहों की समुचित सफाई और रखरखाव किया जाए तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए तो सिंचाई व्यवस्था में बड़ा सुधार संभव है। वर्ष 2007-08 में जब मध्य गंगा नहर परियोजना पर काम शुरू हुआ था, तब किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और महंगी बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। लेकिन वर्षों बाद भी अधिकांश किसान फसलों की सिंचाई के लिए निजी साधनों का ही सहारा लेने को मजबूर हैं। फिलहाल नहरों में ही पानी आएगा।

भूजलस्तर में भी होगा सुधार
क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मध्य गंगा नहर किसानों के लिए बहुत जरूरी है। यदि नहर और माइनरों में पानी चलेगा तो खेतों की सिंचाई आसानी से हो सकेगी और भूजल स्तर को सुधारने में भी मदद मिलेगी। नहर में पानी आने से किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी और कृषि कार्य को बड़ा सहारा मिलेगा।
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बरतें सावधानी
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नहरों में पानी छोड़ा जा चुका है। इसलिए नहरों के आसपास न जाएं और न ही नहरों में जाएं। इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। पानी आने का समय आगे-पीछे भी हो सकता है। किसान अपने पशुओं को भी नहर में न ले जाएं।
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नहर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। नहरों पर करीब चार हजार नौ सौ करोड़ रुपये खर्च हुए। अब बहजोई-चंदौसी शाखा वाली नहरों में पानी चलेगा। इससे करीब चार लाख किसानों को फायदा मिलेगा। नहरों की साफ-सफाई का काम पहले ही पूरा कर लिया गया था। अभी पानी ट्रायल के तौर पर छोड़ा गया है। एक साथ ज्यादा पानी नहीं छोड़ सकते। इससे नुकसान की संभावना रहती है। 16 जुलाई तक जनपद की नहरों में पानी पहुंच जाएगा।
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-अखिलेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, मध्य गंगा नहर
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