रजबपुर (अमरोहा)। रसोई गैस और डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर किसान नेशनल हाईवे पर उतर आए और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कृषि कानून रद्द कर एमएसपी पर लिखित कानूनी गारंटी की मांग दोहराई। ट्रैक्टर और बाइकों पर सवार किसानों ने आधा किलोमीटर तक जुलूस निकाला। आधे घंटे तक हाईवे पर किसानों का कब्जा रहा। किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीओ धनौरा को सौंपा। इस दौरान हाईवे पर यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। वाहन यथावत चलते रहे।
कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर पिछले 44 दिन से भाकियू टिकैट गुट का अनिश्चितकालीन धरना जोया टोल प्लाजा पर चल रहा है। किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को किसानों ने रसोई गैस और डीजल पेट्रोल के बढ़ते दामों संबंधित समस्याओं के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान करीब 11 बजे ट्रैक्टर और बाइक लेकर हाईवे पर उतर आए। खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन पुलिस मौके पर पहुंच गई। किसानों ने मांग करते हुए कहा कि रसोई गैस और डीजल-पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे हर तबके के लोग बढ़ती महंगाई से त्रस्त हो गए हैं।
कहा कि अपनी मांगों को लेकर देशभर के किसान दिल्ली बॉर्डर पर पिछले आठ महीनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, बावजूद इसके सरकार सुनने को तैयार नहीं है। तीनों कृषि कानून रद्द किए जाएं। एमएसपी पर लिखित कानूनी गारंटी दी जाए। इसके लिए केंद्र सरकार किसान मजदूर और जनहित में आदेश पारित करें। इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीओ मंडी धनौरा सत्येंद्र सिंह को सौंपकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। इस दौरान मुकेश कुमार, समर पाल सिंह, चरण सिंह, सचिन कुमार, महेंद्र सिंह, महाराज सिंह, अजब सिंह, योगेंद्र सिंह, थान सिंह, शीशपाल सिंह, यशपाल सिंह, जयपाल सिंह, कुणाल, प्रियांशु, खजान सिंह आदि मौजूद रहे।