अमरोहा। शासन ने कम छात्र संख्या वाले स्कूलाें के विलय की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में 228 विद्यालयों के विलय किए जाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ शिक्षक संघ ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया है। विलय की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग के संबंध में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षक विधायक डॉ. हरी सिंह ढिल्लो को ज्ञापन सौंपते हुए इसे रोके जाने की संस्तुति किए जाने की मांग की है।
शिक्षक विधायक को सौंपे ज्ञापन में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालय एवं 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए हजारों प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इसके पहले भी एक ही परिसर में स्थित लगभग 20 हजार विद्यालयों का संविलियन करके प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए गए हैं। कहा कि वर्तमान में चल रही स्कूलों के विलय करने की प्रक्रिया से जहां छात्रों से विद्यालयों की दूरी अधिक होगी, वहीं हजारों रसोइयों की सेवा भी समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दवाब बनाकर जबरन स्कूलों के विलय का प्रस्ताव मांगा जा रहा है। जोकि बच्चों की शिक्षा के साथ पूरी तरह खिलवाड है। कहा कि शिक्षकों के साथ-साथ आमजन भी विद्यालयों के इस विलय की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है। शिक्षक संघ ने शिक्षक विधायक से इस विलय की प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने की संस्तुति किए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह, जिला मंत्री मुकेश चौधरी, हीरा सिंह, विवेक चौधरी, नीरज चौहान आदि शामिल रहे।