दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट में हसनपुर क्षेत्र के गांव मंगरौला निवासी और डीटीसी बस परिचालक अशोक कुमारकी मौत हो गई। अशोक दिल्ली के जगतपुर में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते थे।
दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट में हसनपुर क्षेत्र के गांव मंगरौला निवासी अशोक कुमार (34) की भी मौत हो गई है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस में परिचालक के पद पर कार्यरत अशोक की मौत की खबर मिलते ही गांव मंगरौला शोक की लहर दौड़ गई है।
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अशोक कुमार स्वर्गीय जगवंश सिंह के छोटे बेटे थे और अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों (दो बेटियां और एक बेटा) को छोड़ गए हैं। नौकरी लगने के बाद से अशोक दिल्ली के जगतपुर में परिवार के साथ रह रहे थे।
उनकी मां सोमवती बड़े भाई सुभाष के साथ गांव में रहती हैं। अशोक के पिता की कई वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। करीब 10 साल पहले डीटीसी में नौकरी मिलने से पहले अशोक गांव में दूध बेचने का काम भी करते थे और हसनपुर में दूध बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
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सरकारी नौकरी मिलने के बाद उन्होंने यह काम छोड़ दिया और दिल्ली चले गए थे। अशोक की इस असामयिक और दुखद मौत से उनके घर में मातम छाया हुआ है।
विस्फोट में हुई अशोक की मौत से न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा गांव सदमे में है। उनकी पार्थिव देह के गांव पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।