ढबारसी (अमरोहा)। आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव देहरी खादर में मां-पिता के साथ खेत पर काम कर रही किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। किशोरी के गर्दन पर खरोंच के निशान मिले हैं। परिजनों का कहना है कि तेंदुए ने हमला कर बेटी को मार डाला। जबकि वन विभाग किसी भी जंगली जानवर के हमले से इंकार कर रहा है। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तेंदुए को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
देहरी खादर गांव के किसान रोहन सिंह का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी लालकौर के अलावा पांच बच्चे हैं। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह पत्नी लालकौर और चौथे नंबर की बेटी जलधारा (18) के साथ खेत पर काम करने गए थे। गन्ने के खेत में काम करते समय तीनों अलग अलग हो गए। इसके थोड़ी ही देर बाद जलधारा के चीखने की आवाज सुनाई दी। जिसपर माता-पिता जलधारा की तरफ दौड़ पड़े। पिता रोहन के मुताबिक जलधारा पर तेंदुुआ हमला कर रहा था। शोर मचाने पर तेंदुए ने दंपती पर भी हमला करने की कोशिश की। तेंदुए को अपनी ओर आता देख पति-पत्नी गांव की तरफ भाग निकले। इसके बाद लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा होकर खेत पर पहुंचे। जहां जलधारा अचेत अवस्था में पड़ी थी। आनन-फानन में ग्रामीणों ने उसके रहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुराहाल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों के बताए मुुताबिक जंगल की घेराबंदी कर तेंदुए की तलाश में कांबिंग की। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं वन विभाग ने किशोरी के गर्दन पर मिले खरोंच के निशान के आधार पर तेंदुआ या जंगली जानवर के हमले से इंकार किया है।
...कहीं दहशत से तो नहीं हुई जलधारा की मौत
ढबारसी। यह भी हो सकता है कि देहरी खादर के जंगल में तेंदुआ होने की बात सही हो। गन्ने के खेत में काम करते समय माता-पिता और पुत्री के बीच लगभग 50-50 मीटर का फासला बताया जा रहा है। इस दौरान अचानक जलधारा की चीख की आवाज सुनाई दी। माता-पिता मौके की तरफ दौड़े तो उन्होंने तेंदुआ देखा। शोर मचाने पर तेंदुए ने उनके ऊपर भी हमला करने की कोशिश की थी। लेकिन वह गांव की तरफ भाग निकले थे। यह भी हो सकता है कि तेंदुए को देखकर जलधारा चीख निकली हो, तेंदुए ने हमला किया, तो उसके माता-पिता ने शोर मचा दिया और तेंदुए उनके ऊपर हमले करने झपट पड़ा। इसके बाद तेंदुए ने दोबारा बेहोश पड़ी जलधारा पर हमला नहीं किया हो। हो सकता है कि जलधारा की मौत तेंदुए की दहशत में हो गई है।
सीएचसी पहुंचे विधायक, परिजनों को बंधाया ढांढस
ढबारसी। तेंदुए के हमले से किशोरी की मौत की खबर सुनकर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी रहरा सीएचसी पहुंचे। यहां परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों पर तेंदुए को पकड़ने के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया। कहा कि पिछले एक माह से क्षेत्र में तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी इसे पकड़ने के लिए गंभीर नहीं।
- मैं अपनी पुत्री जलधारा और पत्नी को लेकर गन्ने के खेत में काम करने गया था। काम करते समय हम तीनों में लगभग 50-50 मीटर का फासला था, अचानक जलधारा की चीख सुनाई दी तो हम उधर दौड़े, देखा तो जलधारा पर तेंदुआ हमला कर रहा था, हमने शोर मचाया तो वह हमला करने के लिए हमारी ओर भी झपटा, हम दोनों भागकर गांव के लोगों को घटना के बारे में बताया। फिर एकत्रित होकर गन्ने के खेत में पहुंचे। जहां पर जलधारा बेहोशी की हालत में पड़ी थी, हम उसे रहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
- रोहन सिंह खड़गवंशी, जलधारा के पिता
- जलधारा को मृत हालत में अस्पताल लाया गया था। उसके गले पर खरोंच के निशान थे, अन्य शरीर पर कोई निशान नहीं थे। खरोंच के कारण शरीर से खून भी नहीं बह रहा था। मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने पर ही पता चल सकेगा। - डॉ. सौरभ त्यागी, प्रभारी सीएचसी रहरा
- प्रथम दृष्टया में किशोरी की मौत किसी भी जंगली जानवर के हमले से होना नहीं लग रहा है। शरीर पर मिले खरोंच के निशान मौत पर संदेह पैदा करते हैं। तेंदुआ गर्दन पर मुंह से हमला करता है। शरीर पर मिले खरोंच के निशान तेंदुए जैसे नहीं हैं। किशोरी के शरीर पर कोई गहरा घाव भी नहीं है, जिससे उसकी मौत हो सके। 90 प्रतिशत जंगली जानवर का हमला नहीं है। गले पर मामूली खरोंच के अलावा उसके हाथ-पैरों पर कोई निशान नहीं हैं। उसके कपड़े भी नहीं फटे हैं। क्योंकि हमले के दौरान हर कोई बचने के लिए संघर्ष करता है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। -
- रमेश चंद्र, जिला वन अधिकारी अमरोहा
- जलधारा के माता-पिता अपनी आंखों से तेंदुआ देखने की बात कह रहे हैं। इससे डेढ़ महीने पहले पड़ोस के गांव मुवारिजपुर के जंगल में तेंदुआ पकड़ा गया था। पुलिस ने मृतका के पिता से तेंदुए के रंग के बारे में पूछा तो उन्होंने मुवारिजपुर के जंगल में पकड़े गए जैसा होना बताया है।
- निरंजन सिंह, ग्राम प्रधान देहरी खादर
- देहरी खादर में तेंदुए के हमले की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर टीम गई। जहां तेंदुए की तलाश की गई। वहां कोई भी पंजों का निशान नहीं मिला। लड़की के गले पर खरोंच के निशान तेंदुए के हमले की गवाही नहीं दे रहे। तेंदुए के हमले की बात पर संदेह है। फिर भी तेंदुए की तलाश कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
-सुभाष चौधरी, वन क्षेत्राधिकारी हसनपुर।