थाना क्षेत्र के गांव चौबारा में दिव्यांग दर्जी का शव घर में फंदे पर लटकता मिला। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, परिजन इसे आत्महत्या मान रहे हैं।
गांव चौबारा निवासी 30 वर्षीय दयाराम पुत्र गोविंदा दिव्यांग है। दयाराम गांव में ही लोगों के कपड़े सिलने का काम करता है। बताया जाता है कि करीब एक माह पहले दयाराम की पत्नी ने ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया था। प्रसूता तीन सप्ताह से धनौरा क्षेत्र के गांव चौहड़पुर स्थित अपने मायके में रह रही थी। रोजाना की तरह बुधवार रात को भी दयाराम कमरे में सोया था, परिजनों के मुताबिक वह गुरुवार सुबह करीब पांच बजे शौच के लिए उठा था। इसके बाद वह फिर से सो गया। सुबह आठ बजे तक भी वह कमरे से बाहर नहीं निकला तो उसे जगाने की कोशिश की गई।
परिजनों के मुताबिक दरवाजा अंदर से बंद था। किसी तरह दरवाजा खोलकर देखा तो दयाराम का शव फंदे पर झूल रहा था। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मामले को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।