गजरौला(अमरोहा)। इसे विधि का विधान ही कहा जाएगा कि रेलवे ट्रैक पर मिले युवक के माता-पिता जीवित होने के बावजूद पुलिस को उसका अंतिम संस्कार लावारिस में करना पड़ा। वहीं बूढ़े और बेबस माता-पिता लाचारी और कोरोना संक्रमण के खतरे के चलते उसे अंतिम बार देखने भी नहीं आ सके।
शुक्रवार को ब्रजघाट चौकी इंचार्ज एसआई मोहित बालियान ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर मिले कश्मीर निवासी विजय के शव का पोस्टमार्टम कराने के उपरांत अमरोहा में ही उसका दाह संस्कार कर दिया गया। अब उसकी अस्थियां उसके माता-पिता के पास कूरियर से भिजवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि जब विजय के अंतिम संस्कार की खबर फोन पर उसकी बूढ़ी मां को दी तो वह फफक पड़ीं। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। बार-बार यही कहे जा रही थीं कि इकलौते पुत्र को आखिरी बार देख भी नहीं सकीं। बता दें कि बता दें कि एक अगस्त को कांकाठेर रेलवे स्टेशन के पास एक युवक का शव ट्रैक के पास पड़ा मिला था। जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी शिनाख्त विजय पुत्र प्रेमचंद निवासी गांव माली जिला उधमपुर (जम्मू संभाग) के रूप में हुई थी। ब्रजघाट पुलिस ने उसके परिजनों को सूचित कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। परिजनों ने पुलिस के बताया था कि विजय बरेली में नौकरी करता था। वहीं विजय की बूढ़ी मां ने उसके पिता की मानसिक हालत सही नहीं होने और उनका विजय के अलावा को नाते-रिश्तेदार नहीं होने पर यहां आने में असमर्थता व्यक्त करते हुए पुलिस से ही उसका दाह संस्कार कराने का अनुरोध किया था।