अमरोहा। चार साल की मूकबधिर बेटी से दुष्कर्म के दोषी बंटी को उम्रकैद की सजा मिलने पर पिता भावुक हो गए। बोले, घटना के बाद करीब एक महीने तक बेटी को रोता-सिसकता देखकर उनकी रूह कांप जाती थी। बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर तारीख पर अदालत पहुंचे। शुक्रवार को पत्नी ने फोन कर सजा की जानकारी दी तो सुकून मिला कि बेटी को इंसाफ मिल गया।
पिता ने बताया कि फैसला सुनाए जाने के दौरान वह मेरठ में थे। आरोप लगाया कि बंटी के परिजनों और रिश्तेदारों ने कई बार समझौते का दबाव बनाया और धमकियां दीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वह पत्नी के साथ हर सुनवाई पर अदालत पहुंचे। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए खेतीबाड़ी के साथ गाड़ी भी चलाते हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के साथ हुई घटना का दर्द हमेशा रहेगा, लेकिन दोषी को सजा मिलने से न्याय का भरोसा मजबूत हुआ है। संवाद
15 दिन जिला अस्पताल में चला इलाज
पिता के मुताबिक, घटना के बाद बेटी की हालत बेहद खराब हो गई थी। उसे 15 दिन तक जिला अस्पताल में भर्ती रखकर इलाज कराया गया। इसके बाद आठ दिन निजी अस्पताल में भी उपचार कराना पड़ा। बेटी के इलाज पर 25 हजार रुपये से अधिक खर्च हुए। उन्होंने बताया कि परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। पीड़िता तीसरे नंबर की संतान है।
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