अमरोहा। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को एक-एक सप्ताह बाद की तारीख दी जा रही है। मुख्य कारण जिला अस्पताल में सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट होना है। वह भी कई बार कानूनी प्रक्रिया के चलते बाहर रहते हैं। मजबूरी में मरीज निजी सेंटरों पर महंगे दाम चुकाकर जांच करा रहे हैं।
जिला अस्पताल में मरीजों के लिए मुफ्त अल्ट्रासाउंड-एक्सरे की सुविधा उपलब्ध हैं। एक अल्ट्रासाउंड मशीन महिला विंग में लगी है, जबकि दूसरी जिला अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में। बीमारियों और गर्भवती महिलाओं के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के लिए लिखते हैं, लेकिन समय पर अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाते है। इसका मुख्य कारण महिला विंग के रेडियोलाॅजिस्ट नौकरी छोड़कर चले गए हैं, जिसके बाद इमरजेंसी विंग के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विजयपाल पर जिम्मेदारी आ गई है। वह भी कई बार कानूनी प्रक्रिया के चलते बाहर रहते हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना 80 से 90 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचते हैं, जिनमें चंद मरीजों की जांच हो पाती हैं। अन्य को एक महीने बाद तक की तारीख देकर वापस भेज दिया जा रहा है। शनिवार को पेट दर्द व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज बिना अल्ट्रासाउंड कराए ही वापस लौट गए। जिला अस्पताल की महिला विंग के अल्ट्रासाउंड सेंटर के बाहर कुछ महिलाएं डॉक्टर के इंतजार में बैठी मिलीं।
अधिकांश मरीजों को समय से सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्हें एक सप्ताह बाद की तारीख देकर वापस भेजा है। इससे मरीज निराश होकर निजी अस्पतालों में अपना अल्ट्रासाउंड कराने पर मजबूर हैं।