डिडौली कोतवाली के औरंगाबाद गांव में गेट फांदकर घर में दाखिल हुए नकाबपोश कच्छा बनियानधारी डकैतों ने दंपति को बंधक बना लिया। इसके बाद बंदूकों-तमंचों की बट और सरिये से बेरहमी से पीट पीटकर अधमराकर दिया। इस दरम्यान नगदी-जेवर लूटते रहे।
छत पर सो रहे छोटे भाई ने 100 नंबर पर काल की, लेकिन पुलिस का फोन नहीं उठा। घायल के भाई ने फोन पर पड़ोसियों को सूचना दी। इस पर शोर मचा और ग्रामीण जुटने लगे। इसके बाद खुद को घिरता देखा तो डकैत फायरिंग करते हुए भागे, मगर पांच लाख का माल लूटने में कामयाब रहे। घायल दंपति को मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही खुलासे को एसपी ने चार टीम गठित की हैं।
डिडौली कोतवाली के औरंगाबाद गांव निवासी किसान प्रीतम सिंह पाल का बेटा जोगेंद्र गुरुवार रात 11 बजे घर में सो रहा था। उसकी पत्नी सुमन बेटे बिट्टू(7), गोलू (5) और बेटी गुड़िया (8) भी घर में थे। घायल के छोटे भाई रविंद्र ने बताया कि, तकरीबन एक बजे हथियारों से लैस छह नकाबपोश कच्छा बनियानधारी डकैत बाउंड्री में लगे गेट को फांदकर घर में घुस आए।
चार डकैत रास्ते पर नजर रख रहे थे, जबकि तीन ने घेर में किसान प्रीतम सिंह और इनकी पत्नी श्यामवती को कब्जे में कर रखा था। इधर, घर में दाखिल हुए डकैतों ने जोगेंद्र और इसकी पत्नी सुमन को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया था। यहां बंदूक, तमंचों की बटों और सरियों से डकैतों ने बेरहमी से पीट पीटकर दंपति को घायल कर दिया।
इसके बाद लूटपाट करने लगे। इस दौरान वह छत पर सो रहा था, माजरा समझकर उसने 100 नंबर पर कॉल की, मगर पुलिस का फोन नहीं उठा। पड़ोसियों को फोन से जानकारी दी। इस पर ग्रामीण लाठी डंडे और हथियार लेकर दौड़े। इस पर खुद को घिरता देख डकैत ग्रामीणों पर फायरिंग करते हुए भाग गए।
इस दरम्यान तकरीबन ढाई घंटे तक डकैत घर में उत्पात मचाते रहे। बच्चों की भी पिटाई की। बाद में घायल के भाई रविंद्र की तहरीर पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
औरंगाबाद में डकैती के खुलासे व डकैतों की गिरफ्तारी को सीओ सिटी, क्रामइ ब्रांच के अलावा चार टीम गठित की गई हैं। चारों टीमों को जल्द से जल्द खुलासे एवं गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। पुलिस हर एंगल पर काम कर रही है।-डा.शिवा शिंपी चनप्पा पुलिस अधीक्षक।