अमरोहा। जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है। बारिश के मौसम में खुले में रखे ट्रांसफार्मर, झूलते बिजली के तार ट्रॉली ट्रांसफार्मर आमजन के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। शासन की ओर से विद्युत लाइनों के रखरखाव और ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन होता नजर नहीं आ रहा। पड़ताल में जिलेभर में बिजली व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई।
शहर के आजाद रोड, कैलसा बाईपास, नानकचंद रोड, जोया रोड, सुबोध नगर, पुष्कर नगर और नौगावां सादात रोड पर कई ट्रांसफार्मर खुले में रखे मिले। इनके आसपास लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ट्रांसफार्मरों के आसपास बारिश का पानी भर जाता है जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। पड़ताल के दौरान आईएम इंटर कॉलेज चौराहे के पास बिजली के तारों का उलझा हुआ जाल भी देखने को मिला। यहां तारों को संभालने के लिए लकड़ियां बांध रखी हैं।
वहीं बटवाल चौराहे पर भी बिजली के तार अव्यवस्थित ढंग से फैले हुए हैं। यदि तेज हवा या बारिश के दौरान तार आपस में टकरा गए और चिंगारी निकली तो सड़क किनारे ठेला लगाने वाले दुकानदारों और राहगीरों की जान खतरे में पड़ सकती है। जिले में पूर्व में करंट लगने से लोगों और मवेशियों की मौत तथा झुलसने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर जर्जर बिजली लाइनें, खुले ट्रांसफार्मर और झूलते तार अब भी लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है।
लोगों ने बिजली विभाग को बरसात के दौरान विशेष अभियान चलाकर खुले ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग, झूलते तारों की मरम्मत, जर्जर लाइनों के प्रतिस्थापन और फुंके ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलने की व्यवस्था कराने की मांग की है।
मंडी धनौरा में भी बनी हुई है खतरे की स्थिति
मंडी धनौरा में भी सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मर लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। चांदपुर मार्ग स्थित सब्जी मंडी के बाहर सड़क किनारे रखा ट्रांसफार्मर बरसात के मौसम में हादसे का सबब बन सकता है। इसी तरह शेरपुर मार्ग पर एक क्लीनिक के बाहर तथा कमेलपुर मार्ग पर भी ट्रांसफार्मर सड़क के बिल्कुल किनारे रखे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से इन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
हसनपुर में भी सड़क किनारे खुले ट्रांसफार्मर
हसनपुर नगर में भी सड़क किनारे खुले में रखे ट्रांसफार्मर लोगों के लिए जोखिम बने हुए हैं। संभल अड्डे से रहरा अड्डे जाने वाले मुख्य मार्ग पर दो ट्रांसफार्मर सड़क के किनारे असुरक्षित स्थिति में रखे हैं। इसके अलावा एसडीओ कार्यालय के पास भी एक ट्रांसफार्मर बिना पर्याप्त सुरक्षा के रखा हुआ है। बरसात के दौरान जलभराव होने पर यहां करंट फैलने की आशंका बनी रहती है।
ये बरतें सावधानी
बरसात के दिनों में बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मरों के आसपास नहीं निकलना चाहिए। इससे करंट की संभावना बनी रहती है। कई स्थानों पर ऐसी जगह पर खंभे लगे होते हैं जहां से लोगों को निकलना पड़ता है और पानी भरा रहता है। लोग खंभे को पकड़कर निकलते हैं। इससे जान का खतरा बन सकता है। अगर बरसात हो रही है या पानी भरा हुआ है, तो खंभों और ट्रांसफार्मरों से दूर रहें। जहां पर तारों का जाल बना हो तो वहां पर भी विशेष सावधान रखें। कभी-कभी तारों के आपस में टकराने से चिंगारी निकलने लगती है।
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जहां पर ट्रांसफर खुले में रखे हैं। वहां पर बैरिकेडिंग कराई जाएगी। अधिकांश ट्रांसफार्मरों के आसपास बाड़ लगाई गई है। जिससे किसी प्रकार की परेशानी न हो। जर्जर तारों को भी बदलवाया जाएगा। कांवड़ यात्रा से पहले इस काम को पूरा कराया जाएगा। बिजनेस प्लान में करीब 28 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई है।
-आरपी सिंह, अधीक्षण अभियंता