हसनपुर। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर दिख रहा है। हसनपुर तहसील के खादर क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो गई है, जहां बिहारीपुर और हैदलपुर के बीच बना तटबंध बाढ़ के तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है।
तटबंध क्षतिग्रस्त होने से से जहां आवागवन प्रभावित हुआ, वहीं आसपास के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने वहां पर आनन फानन में मिट्टी डलवा कर मरम्मत का कार्य करवाया है। फिलहाल आवागमन सुचारू कर दिया गया है। बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गंगा नदी की दिशा से मिट्टी के बोरे की सपोर्ट लगाई जाए। बाढ़ को लेकर लोगों में दहशत बनी हुई है।
पिछले कई दिन से गंगा का जलस्तर बढ़ने से हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। गांव गंगानगर में पहले से ही पानी घुस चुका है वहां प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। गांव के ही एक सुरक्षित स्थान पर बच्चों को पढ़ने के लिए व्यवस्था कराई गई है। शनिवार की सुबह को गंगा का तेज कटान होने की वजह से गंगा तटबंध मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। आवागमन प्रभावित हो गया। जैसे ही लोगों को तटबंध के कटने की खबर मिली, उन्होंने तत्काल मिट्टी के कट्टे डालकर इसे ठीक करने की कोशिश शुरू कर दी। हालांकि, पानी का बहाव इतना तेज है कि यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है।प्रशासन को इस स्थिति से अवगत करा दिया गया है, सूचना मिलते ही बाढ़खंड के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। और बचाव कार्य शुरू किया गया। कई ट्राली मिट्टी डालकर फिलहाल उसे रोक दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बाढ़ का पानी कई गांवों को अपनी चपेट में ले सकता है। इससे लोगों के घर और फसलें बर्बाद हो सकती हैं। एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी का कहना है कि मिट्टी डालकर फिलहाल तटबंध को बचाया गया है। स्थाई रूप से तटबंध को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।