फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क पर उतरा दलित समाज, हंगामा कर लगाया जाम

Tue, 03 Apr 2018 01:23 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा। 
विज्ञापन
भारत बंद के दौरान सड़कों पर उतरे दलित समाज के लोग। जोया रोड पर कलक्ट्रेट की ओर कूच करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी/एसटी एक्ट) को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश्ा के विरोध में दलित समाज के लोगों का गुस्सा भड़क गया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने टीपी नगर चौराहा जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। आंबेडकर पार्क से एकत्र होकर कलक्ट्रेट पर जुलूस की शक्ल में समाज के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर एससीएसटी एक्ट को पहले की भांति बहाल नहीं करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। 
विज्ञापन

सोमवार को उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों के नेतृत्व में भारत और बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन के चलते दलित समाज के हजारों लोग आंबेडकर पार्क परिसर में एकत्र हुए। यहां, से जुलूस की शक्ल में विरोध प्रदर्शन करते हुए आजाद रोड, कोट चौराहे, दानिश मंदान के बाद टीपी नगर चौराहे पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने चौराहा जाम कर दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाहनों के आगे सड़क पर लेटकर विरोध जताया। जाम लगते ही वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों को दिक्कतों का समाने करना पड़ा। इसके बाद प्रदर्शनकारी जोया रोड होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम हेमंत कुमार को सौंपकर एससीएसटी एक्ट को तत्काल बहाल नहीं करने पर आर-पार की लड़ाई लड़ने की आवाज बुलंद की है। 
ज्ञापन में बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को पुनर्विचार याचिका या संसद से संशोधित करके पूर्व की भांति बहाल किया जाए। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के खाली पड़े सरकारी नौकरियों के पदों को विशेष अभियान चलाकर भर्ती की जाए। केंद्र व राज्य के सरकारी विभागों में चल रहे निजीकरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। समाज के लोगों पर हो रही जुल्म ज्यादती पर तत्काल रोक लगे। भारत में स्थापित बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर के स्मारक पार्क एवं प्रतिमाओं की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। मूर्तियों और पार्कों को खंडित करने वालों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। गुजरात प्रांत में दलित युवकों की हत्या करने वालों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इस दौरान विभिन दलित संगठनों को लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें