हसनपुर पुलिस और औषधि विभाग की छापेमारी के दौरान पकड़ी गई साढ़े तीन करोड़ की नकली दवा के बाद यूपी ही नहीं राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के औषधि विभाग में भी खलबली मच गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय अधिकारियों के संज्ञान के बाद इन राज्यों में नकली दवा को लेकर मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की जा रही है।
27 मार्च को हसनपुर पुलिस व औषधि विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हसनपुर, हापुड़, बुलंदशहर और अमरोहा के चार दवा तस्करों को गिरफ्तार कर साढ़े तीन करोड़ की नकली दवा पकड़ी थी। इससे पहले विभाग ने हसनपुर और संभल से करोड़ों की नॉट फार सेल की दवा जब्त कर तीन तस्करों को जेल भेजा था। तस्करों ने यूपी के अलावा दिल्ली और उत्तराखंड में नकली दवा का अवैध धंधा चलने का खुलासा किया था।
औषधि विभाग की अब तक की पड़ताल में नकली दवाओं के तस्करों का नेटवर्क रसूखदारों से जुड़ा होना और शिकंदराबाद, अलीगढ़ और रुड़की में नकली दवा तैयार होने का खुलासा हुआ। इतना ही नहीं औषधि विभाग के अधिकारी नॉट फार सेल और नकली दवा का गिरोह भी एक ही होने का दावा कर रहे हैं। मुरादाबाद औषधि निरीक्षक नीरज मोहन दीपक ने बताया कि नकली दवा का खुलासा होने के बाद विभाग के केंद्रीय अधिकारियों ने मसले को गंभीरता से लिया है। दिशा-निर्देशों के बाद राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के औषधि विभाग की टीमें ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही हैं। मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर दवा को चेक किया जा रहा है। छापेमारी बिहार में भी होनी थी, लेकिन माहौल खराब होने के कारण टीमें शांत हैं।