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‘सरकारी नौकरियां सीमित व्यापार पर भी करें विचार’

Mon, 19 Sep 2016 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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दलित
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वक्ताओं ने एकजुटता पर जोर दिया। कहा कि, इसके लिए अंबेडकर सत्संगों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही वक्ताओं ने कहा कि, वे युवा समाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए आगे आएं और तरक्की का रास्ता चुनें। 
कन्वीनर टीपी सिंह ने कहा कि वर्तमान राजनीति और नौकरशाही ने कमजोर वर्ग में निराशा पैदा कर दी है। उसी निराशा का परिणाम है कि देश में कमजोर वर्ग पर अत्याचार बढ़े हैं। दलित महापंचायत अत्याचारों से मुक्ति और सामाजिक बुराइयों से मुक्ति के लिए आंदोलन की शुरुआत के लिए बुलाई गई है। 
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कमजोर वर्गों को समझना होगा कि सरकारी नौकरियों के सीमित होने और निजीकरण की अवधारणा के लागू होने से जरूरी हो गया है कि हमें व्यापार की ओर भी सोचना होगा। पूर्व जिला जज फूल सिंह ने कहा कि नशा नाश करता है। इसलिए नशे के सेवन से दूरी बनाएं। अपने बेटे-बेटियों को अच्छे संस्कार दें। प्रदीप कुमार एडवोकेट ने कहा कि अपने नौजवान साथी घरों से निकलें और सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए समाज में चेतना लाएं। 
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हीरा लाल ने कहा कि, हमें अपने हक के लिए संघर्ष भी करते रहना होगा। यशपाल सिंह ने कहा कि बाबा साहब के नाम पर चलने वाले संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली में एकत्र हो जाएं तो दस लाख लोगों की संख्या हो जाएगी। दलित समाज का राष्ट्रीय स्तर पर एक नेता, एक पार्टी और एक झंडा होना चाहिए। संचालन जगत सिंह व जयप्रकाश ने संयुक्त रूप से किया। करन पाल बौद्ध, रविराज सिंह, जयवीर सिंह, भरत सिंह, देवेंद्र सिंह, विनय प्रताप सिंह, विजय प्रताप सिंह, पवन कुमार, यशवंत राव मौर्य, जसवंत, बबलू गौतम रहे।
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