अमरोहा। साइबर ठग ने रिश्तेदार बनकर मदद के नाम पर अधिवक्ता और उनके बहनोई से 38 हजार रुपये ठग लिए। आरोपी ने कॉल कर अधिवक्ता से मदद की गुहार लगाई। अधिवक्ता ने अपने बहनोई के खाते से 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा दिए। बाद में ठग ने उनके खाते को हैक कर 13 हजार रुपये निकाल लिए। धोखाधड़ी का पता चलने पर उनके होश उड़ गए। अधिवक्ता ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने फोन नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है।
धोखाधड़ी की यह घटना अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के मोहल्ला चिड़ियाबाग निवासी अधिवक्ता रविंद्र सिंह के साथ घटी। जनपद न्यायालय में प्रेक्टिस करने वाले अधिवक्ता के मुताबिक छह दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को उनका रिश्तेदार चरन सिंह बताया और कुछ परेशानी बताते हुए अपने खाते में पेटीएम या गूगल पे के जरिए उसने 40 हजार रुपये शिफ्ट करने का आग्रह किया। खुद पेटीएम या गूगल पे का उपयोग न करने के कारण अधिवक्ता ने बिजनौर में नूरपुर थानाक्षेत्र के लिंडरपुर गांव निवासी अपने जीजा अनिल कुमार को कॉन्फ्रेंस कॉल पर जोड़ लिया। बात सुनते-सुनते अधिवक्ता के बहनोई ने ठग के खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठग ने सात दिसंबर को फिर अनिल कुमार के खाते को हैक कर लिया और तीन बार में 13 हजार रुपये शिफ्ट कर लिए। मोबाइल फोन पर बैंक का मैसेज मिलते ही उनके होश उड़ गए। धोखाधड़ी का पता चलने पर अनिल ने अधिवक्ता को फोन पर मामले की जानकारी दी। साले-बहनोई ने ठग के नंबर पर फोन किया तो वह लगातार बंद मिला।
अधिवक्ता ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी सुनीति के आदेश पर देहात पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार अज्ञात ठग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एसओ सुरेश गौतम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।