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दलहनी-तिलहनी और सब्जी की 26 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद

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उझारी में गुरुवार की रात ओलावृष्टि से जमी परत - फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। पिछले चौबीस घंटे से रूक-रूक कर जारी आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी है। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। तेज हवाओं से फसलें गिर गई है। गेहूं को भारी नुकसान पहुंचा है। पानी भरने से खेतों में जलभराव जैसे हालात बन गए हैं। फसलों की तबाही देखकर किसान मायूस हो गए हैं। शुक्रवार सुबह किसान अपने-अपने खेतों पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया। कृषि विभाग के अनुसार दलहनी-तिलहनी और सब्जी की 26 हजार हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
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कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 40 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं खड़ा है। 12 हजार हेक्टेयर भूमि में सब्जी की फसल है। साथ ही 3.50 हेक्टेयर भूमि में सरसों और 10 हजार हेक्टेयर जमीन में आलू की फसल है। वैसे तो बारिश फसलों के लिए अमृत है लेकिन गुरुवार की रात शुरू हुई आंधी-बारिश ने भारी तबाही मचाई है। साथ में ओलावृष्टि ने फसलों को जमीन पर पटक दिया है। आंधी-बारिश के साथ हसनपुर, धनौरा और गजरौला, अमरोहा और नौगांवा सादात क्षेत्र में कई जगह जमकर ओलावृष्टि हुई। आसमान से बरसे ओले से जमीन पर बर्फ की चादर दिखाई पड़ी। ओले की चोट से गेहूं-आलू और अन्य फसलें जमीन पर गिर पड़ीं। गन्ने के पत्ते और हरे चारे को जमीन पर पटक दिया। वहीं, बारिश और ओलावृष्टि दलहनी और तिलहनी और सब्जी की करीब 26 हजार हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। गेहूं की फसल को भी काफी क्षति पहुंची है। हालांकि विभाग का मानना है कि गेहूं की फसल की अभी दोबारा बुुवाई की जा सकी है। शुक्रवार की सुबह किसान खेत पर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। एक तरफ जहां खेतों में जगह-जगह ओले की परत बिछी हुई थी, वहीं फसलों में पानी इस कदर भरा हुआ था कि खेत किसका है इसका आकलन करना भी मुश्किल था। फसलों की बर्बादी देखकर किसान मायूस हो गया। उनका कहना है कि सोलह दिन के भीतर आंधी-बारिश और ओलावृष्टि दूसरी बार हुई है। जिससे फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। किसानों की फसल के नुकसान की गुणा-भाग की। वहीं, कृषि विभाग के अनुसार आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से दलहनी-तिलहनी, आलू और सब्जी की करीब 26 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है।
मैंने खुद खेतों में घूमकर फसलों को देखा है। उसका आकलन किया है। आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से दलहनी-तिलहनी और सब्जी की फसल लगभग 80 फीसद (26 हजार हेक्टेयर फसल) बर्बाद हो गई है। गेहूं को भी भारी नुकसान है। किसान गेहूं की बुवाई दोबारा कर सकते हैं। नुकसान का आंकलन कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिससे किसानों को मुआवजा मिल सके।
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- राजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी, अमरोहा
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